स्विट्जरलैंड में होने वाले इस साहसिक अभियान के लिए उन्हें भारत की एंबेसडर नियुक्त किया गया है। यह अभियान दस दिन तक चलेगा। इसमें 25 देशों की महिलाएं 10,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाली एललेनहॉर्न चोटी पर चढ़ेंगी।
हिमाचल प्रदेश की बेटी आंचल ठाकुर स्विट्जरलैंड की एललेनहॉर्न चोटी पर चढ़ाई कर महिला सशक्तीकरण का संदेश देगी। आंचल के साथ देश-विदेश की 70 महिला स्कीयर्स पर भी चोटी को फतह करने के लिए जाएंगे। यह अभियान 10 दिन तक चलेगा। स्विट्जरलैंड में होने वाले इस साहसिक अभियान के लिए उन्हें भारत की एंबेसडर नियुक्त किया गया है। यह अभियान दस दिन तक चलेगा। इसमें 25 देशों की महिलाएं 10,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाली एललेनहॉर्न चोटी पर चढ़ेंगी। मनाली में आंचल ठाकुर ने बताया कि वे 10 जून को स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगी। दस दिन तक वे साहसिक अभियान का हिस्सा बनी रहेंगी और हजारों फीट ऊंची चोटी को फतह करने का अनुभव उनके लिए नया होगा।
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इससे पहले उन्होंने इस तरह के साहसिक अभियान में भाग नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि एललेनहॉर्न चोटी दुनिया की सबसे मुश्किल चोटियों में शुमार है। इस चोटी को विभिन्न देशों की 70 चुनी हुई महिलाओं की टीम फतह करने जा रही है। वह स्विट्जरलैंड की इस चोटी पर चढ़ने के लिए उत्साहित हैं। प्रदेश के जिला कुल्लू के मनाली की आंचल ठाकुर को बचपन से ही स्कीइंग करने का शौक रहा है। आंचल भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो कांस्य पदक जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं।
साहसिक अभियान में सहयोगी भी रहेंगी महिलाएं
देश-विदेश की 70 महिलाएं स्विट्जरलैंड की एललेनहॉर्न चोटी को फतह करेंगी। साहसिक अभियान में चयनित महिलाओं की इस बार सहयोगी भी महिलाएं ही रहेंगी। इस साहसिक गतिविधि में पहली बार ऐसा किया जा रहा है।