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प्राइवेट कॉलेजों को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं छात्र

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प्रदेश में चल रहे तीन सरकारी कॉलेजों में एमबीए की लगभग सभी सीटें भर गई हैं। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर से संबद्ध आधा दर्जन से अधिक प्राइवेट कॉलेजों में 10 फीसदी सीटें भी नहीं भरी जा सकी हैं। प्राइवेट कॉलेजों में एमबीए की 90 फीसदी सीटें खाली रह गई हैं। तकनीकी विवि ने कुल तीन राउंड में एमबीए के लिए काउंसलिंग करवाई।
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बावजूद बड़ी मुश्किल से महज सरकारी कॉलेजों की सीटें ही भरी जा सकी। जबकि, प्राइवेट कॉलेजों को भारी मंदी के दौर से गुजरना पड़ा। काउंसलिंग में बच्चों का कम संख्या में भाग लेने का सबसे बड़ा कारण प्रवेश परीक्षा माना जा रहा है। प्रदेश सरकार ने प्राइवेट कॉलेजों समेत सरकारी कॉलेजों में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए रेगुलेटरी कमीशन और प्रवेश परीक्षा में मेरिट समेत कई तरह के मापदंड खड़े कर दिए हैं।

इस बार प्रदेश तकनीकी विवि ने एचपीसीईटी-2015 भी करवाया है। ताकि बच्चों को कैट और मैट समेत अन्य राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के बजाय प्रदेश स्तर पर एक मंच प्रदान किया जा सके, लेकिन अधिकतर बच्चे प्रवेश परीक्षा में मेरिट हासिल नहीं कर पाए। कुछ बच्चों ने परीक्षा में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिसके चलते मंगलवार को तीन राउंड की काउंसलिंग खत्म होने के बावजूद प्राइवेट कॉलेजों में एमबीए की सीटें खाली रहे गईं।
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प्रदेश के 11 कालेजों में 870 सीटें स्वीकृत

तकनीकी विवि से संबद्ध कुल 11 कॉलेज हैं। तीन सरकारी कालेजों जिसमें डिग्री कॉलेज धर्मशाला 60 सीटें, डिग्री कॉलेज ऊना 60 सीटें और नगरोटा बगवां में 30 सीटें मंजूर हैं। जबकि आठ प्राइवेट कॉलेज हैं। गौतम कालेज हमीरपुर में एमबीए की 120 सीटें, अभिलाषी में 60 सीटें, बेल्स शिमला में 180, हिमालयन सिरमौर में 120, एचपी इंस्टीट्यूट टूटू शिमला 120, केसी ग्रुप में 180, केलबी पालमपुर में 60 और एलआर सोलन में 120 सीटें स्वीकृत हैं।

हिप्र तकनीकी विवि हमीरपुर के डीन अकेडमिक डा. एनएन शर्मा ने बताया कि हिप्र तकनीकी विवि ने 16 जुलाई को पहला राउंड,22-23 जुलाई को दूसरा राउंड, जबकि मंगलवार 28 जुलाई को तीसरा राउंड करवाया। सरकारी कॉलेजों में करीब सभी सीटें भर गई हैं। प्राइवेट कॉलेजों में अधिकतर सीटें खाली हैं।
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