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Shimla News: सेब सीजन के लिए जिले में 5 नियंत्रण कक्ष होंगे स्थापित

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इंजन, चेसी और गाड़ी नंबर मिलान करेंगे पुलिस कर्मी, नशा-लकड़ी तस्करी पर भी रहेगी नजर
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दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों की होगी जांच

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में 15 जुलाई से शुरू होने वाले सेब सीजन के लिए शिमला पुलिस पांच नियंत्रण कक्ष स्थापित करेगी। इन नियंत्रण कक्षों के जरिये दूसरे राज्यों से सेब ढुलाई के लिए आने वाले वाहनों का पूरा रिकार्ड एकत्रित किया जाएगा। इसके अलावा चालक और परिचालकों के दस्तावेजों की भी जांच होगी।
सेब सीजन की आड़ में नशा तस्करी और लकड़ी तस्करी पर भी नजर रहेगी। एसएसपी संजीव गांधी ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत एएसपी रतन सिंह नेगी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया जबकि सभी उपमंडल अधिकारी अपने क्षेत्र में स्थापित होने वाले नियंत्रण कक्षों के पर्यवेक्षक होंगे। सभी नियंत्रण कक्ष सीसीटीवी से लैस होंगे और यहां पर दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के नंबर, चेसी और इंजन नंबर का मिलान भी किया जाएगा। इससे सुनिश्चित किया जाएगा कि सेब सीजन में चोरी के वाहनों का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है। कई बार देखा गया है कि चोरी और फर्जी दस्तावेजों के जरिये संचालित होने वाले सेब की फसल लेकर दूसरे राज्यों में जाते समय फरार हो जाते हैं। इससे बागवानों को लाखों का नुकसान झेलना पड़ता है तो वहीं पुलिस के लिए भी ऐसे वाहनों की तलाश करना मुश्किल हो जाता है। इसको देखते हुए पुलिस वाहन के सभी दस्तावेजों के साथ ही चालक-परिचालक की फोटो के साथ ही जरूरी पहचानपत्र और अन्य दस्तावेजों का रिकार्ड भी रखेगी।
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जिले में इन क्षेत्रों में स्थापित होंगे नियंत्रण कक्ष
जिला शिमला में फागू नजदीक भेखलटी, शोघी, नैना बलग, गुम्मा और जुब्बल के पदराणु में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा सभी केंद्रों में वीएचएफ सेट होगा जो 24 घंटे काम करेगा। साथ ही एल्कोहोल सेंसर भी उपलब्ध होगा। शक होने पर पुलिस कर्मी एल्कोहोल सेंसर से चालकों की जांच करेंगे, जिससे नशे में होने वाले सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। बैरियर पर तैनात सभी कर्मचारियों को ओवरलोडिंग रोकने के लिए भी उचित निर्देश जारी किए हैं। सेब सीजन के दौरान कई बार ओवरलोडिंग के कारण ट्रक हादसे का शिकार हो जाते हैं। इससे जानी नुकसान के साथ ही बागवानों की फसल भी बर्बाद होती है।
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कोट
सेब सीजन के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में इस बार पांच नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। यहां दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी तो वहीं चालकों और परिचालकों का पूरा ब्योरा भी रखा जाएगा।
-संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला
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