प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को भी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत लाया जा रहा है। इसका प्रदेश के लाखों लाभार्थियों को लाभ होगा। कृषि उड़ान योजना के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों पर किसानों को अपने माल के निर्यात की सुविधा मिलेगी। पूर्वोत्तर और जनजातीय क्षेत्रों के जिलों को बेहतर मूल्य देने के एलान का भी हिमाचल को फायदा होगा।
बागवानी क्षेत्र में विपणन और निर्यात को बेहतर बनाने के लिए एक उत्पाद एक जिला की नीति बनाई जाएगी। किसानों की सौर ऊर्जा पंप लगाने में भी मदद की जाएगी। सस्ते मकान की खरीद के ऋणों को देय ब्याज में 1.5 लाख रुपये तक अतिरिक्त छूट को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है। इसका भी हिमाचल में लाभ होगा।
लघु और मध्यम उद्योगों को होगा लाभ
रसायन, फ्यूज और प्लास्टिक जैसे कच्चे माल पर सीमा शुल्कमें कटौती से भी राज्य में ऐसे उद्योग क्षेत्र को लाभ होगा। पर्यटन क्षेत्र के लिए बड़े बजट प्रावधान का भी हिमाचल को लाभ होगा।
सीएम जयराम ने केंद्रीय बजट को बताया ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आम बजट को ऐतिहासिक बताया। सीएम ने कर वितरण से हिमाचल के लिए 33 प्रतिशत बजट बढ़ाने के प्रस्ताव की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य में विकास की गति और तेज होगी। राज्य स्तर पर बिना किसी विलंब के निवेश को आकर्षित करने के लिए ‘इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस सेल’ के गठन के प्रस्ताव को भी सीएम ने सराहा। उन्होंने कहा कि इससे सरकार के राज्य में अधिक निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय बजट पर कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था सुधरने वाली नहीं। एक बार जब अर्थतंत्र पटरी से बाहर हो जाए तो उसे पटरी पर लाने के लिए एक अर्थशास्त्र का ज्ञान होना बहुत ही आवश्यक है। इस बजट से उन्हें नहीं लगता कि अर्थव्यवस्था सुधरेगी।
देश बेरोजगारी और महंगाई की मार झेल रहा है। औद्योगिक विकास ठप है। छोटे उद्योग मंदी के कारण बंद पड़े है। उन्हें पुनर्जीवित करने के कोई उपाय बजट में नहीं हैं। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के विकास को भी कोई प्रोत्साहन नहीं है।