70वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव पर पौधा रोपते सीएम
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हिमाचल में 70 प्रतिशत से अधिक पौधे सही तरह से फल-फूल रहे हैं। इस बार 20 से 24 जुलाई तक 25 लाख पौधे रोपे जाएंगे। सीएम जयराम ठाकुर ने मंडी जिले के पनारसा में 70वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के शुभारंभ पर यह बात कही। उन्होंने दाड़नी का पौधा लगाकर वन महोत्सव का शुभारंभ किया। उनके साथ वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कहीं भी 100 प्रतिशत पौधे जीवित नहीं रहते, लेकिन प्रदेश में सुखद बात यह है कि यहां 70 प्रतिशत से अधिक पौधे सरवाइव कर रहे हैं।
उन्होंने इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से बधाई दी। भविष्य में जीवित दर को और बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया पिछले साल वन महोत्सव पर तीन दिनों का विशेष अभियान चलाया गया था, जिसमें वन विभाग, विभिन्न समूहों और आम जनता के सहयोग से 17 लाख पौधे रोपे गए थे। इस बार तीन की जगह पांच दिनों का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
20 से 24 जुलाई तक प्रदेश भर में यह अभियान चलाया जाएगा और इस दौरान 25 लाख से अधिक पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश का 70 प्रतिशत भाग वन भूमि है और इस क्षेत्र को और ज्यादा विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से इस अभियान में पूरा सहयोग देने का भी आह्वान किया। इस दौरान मंडी और कुल्लू जिले के अधिकतर विधायक मौजूद रहे। वहीं वन विभाग और मंडी व कुल्लू जिलों के प्रशासनिक अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित रहे। सभी ने पौधे लगाए।
डीएफओ डॉ. नीरज चड्ढा को अरण्य गौरव पुरस्कार
कुल्लू के वन मंडल अधिकारी डॉ. नीरज चड्ढा को अरण्य गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पनारसा में शुक्रवार को 70वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के शुभारंभ यह सम्मान उनको प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने डॉ. चड्ढा को ट्रॉफी के साथ प्रशस्ति पत्र व 30 हजार रुपये चेक भेंट किया है। वन विभाग की ओर से वानिकी प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह पुरस्कार दिया है।
प्रदेश सरकार ने वन विभाग में बेहतर काम करने पर पहली बार अरण्य गौरव पुरस्कार देने की पहल की है। इसमें कुल्लू के डीएफओ ने पहला स्थान पाया है। यह पुरस्कार सरकार ने वन विभाग में पिछले तीन चार के दौरान अच्छा करने पर दिया गया है।
डीएफओ कुल्लू डॉ. चड्ढा ने बबेली में जहां एक आधुनिक स्तर का पार्क बनाया है, वहीं मनाली में भी करोड़ों की लागत से बन रहे नेचर पार्क की मंजूरी दिलवाने के साथ उन्होंने एनजीटी की ओर से रोहतांग में पौधरोपण में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने वन अपराध के लिए फोरेस्ट ऑफेंस मैनेजमेंट सिस्टम सॉफ्टवेयर भी बनाया है। जो पूरे प्रदेश में वन कटान जैसे अपराध के लिए इस्तेमाल हो रहा है।