अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचपीयू में वीसी और डीएस के पद पर स्थायी नियुक्ति को दिए गए अल्टीमेटम के समाप्त होने पर वीरवार को एसएफआई कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और जोरदार नारेबाजी की। इस बीच वहां सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस कर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हो गई।
वीसी ऑफिस का गेट बंद होने के कारण छात्र अंदर नहीं जा सके। इसके बाद करीब ढाई घंटे तक एसएफआई कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर धरना दिया और वीसी, डीएस की जल्द नियुक्ति, पीएचडी में धांधलियों की जांच, एमसीए कोर्स में कांगड़ा के निजी कॉलेज की ओर से विवि के नियमों को दरकिनार प्रवेश दिए जाने के मामले की जांच जैसी मांगों को लेकर नारेबाजी की। सुबह करीब बारह बजे एसएफआई कार्यकर्ताओं ने आर्ट्स ब्लॉक के बाहर एकत्र हुए। नारेबाजी करते हुए कुलपति कार्यालय पहुंचे। यहां पहले से तैनात पुलिस और विवि सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में कार्यकर्ता कुलपति कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने इन्हें रोका। इस दौरान धक्कामुक्की हो गई। इससे यहां तनाव पैदा हो गया।
इकाई अध्यक्ष जीवन ठाकुर और सचिव अनिल नेगी ने कहा कि सरकार करीब सात माह से कुलपति और 11 जनवरी से लेकर अकादमिक मुखिया डीएस का पद भरने में नाकाम रही है। इससे विवि के कई काम रुक गए हैं। विवि में चहेतों को पीएचडी में प्रवेश दिलवाने, समय पूर्व पीएचडी करवाने जैसे कई ऐसे कार्य हो रहे हैं। इन धांधलियों को उजागर करने के बावजूद इसकी जांच नहीं की जा रही है। कांगड़ा के निजी कॉलेज के खिलाफ गवर्नर के आदेशों के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सत्ता में आई भाजपा सरकार रूसा को हटाने और छात्र संघ चुनाव बहाली के मुद्दे पर भी बैकफुट पर नजर आ रही है। संस्थान का मुखिया न होने के कारण धांधलियां बढ़ गई हैं। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द वीसी और डीएस की नियुक्ति न हुई रूसा की वापसी न की और चुनाव से प्रतिबंध न हटाने के साथ धांधलियों की जांच और उस पर कार्रवाई न हुई तो एसएफआई आने वाले समय में उग्र आंदोलन खड़ा करेगी।
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सीरिया हमले में मारे गए लोगों की शांति को दो मिनट का मौन
शिमला। प्रदर्शन के दौरान एसएफआई ने सीरिया में हमलों में मारे गए सैकड़ों लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और उन्हें श्रद्धांजली दी।