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तेरा बच्चा मरता है तो मरता रहे...इसका इलाज नहीं करूंगा
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आईजीएमसी में मेडिपर्सन एक्ट में दर्ज मामले के आरोपी पिता ने डॉक्टर पर लगाए आरोप
प्राचार्य और एमसी को दिया शिकायत पत्र, पुलिस ने दर्ज नहीं एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आईजीएमसी में मेडिपर्सन एक्ट में दर्ज हुए मामले के आरोपी पिता ने कहा कि उन्होंने चिकित्सक से अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया है। बल्कि चिकित्सक ने दुर्व्यव्यवहार किया है। आईजीएमसी के प्राचार्य और वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बच्चे के पिता ने कहा कि मैंने डॉक्टरों के साथ नहीं बल्कि डॉक्टरों ने मेरे साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। डॉक्टर ने कहा है कि तुम लोग कहां कहां से उठकर आ जाते हैं, बाहर निकल जा... मैं तेरे बच्चे को नहीं देखूंगा। तू चाहे तो जिस मर्जी के पास चला जा और जिस मर्जी को दिखा... यहां तेरे बच्चे का इलाज नहीं होगा, तेरा बच्चा मरता है तो मरता रहे। उल्टा अब उस पर ही डाक्टरों ने मुकदमा करवाया दिया। डॉक्टर के दुर्व्यवहार के खिलाफ बुधवार सुबह उन्होंने भी थाना लक्कड़ बाजार चौकी में शिकायत पत्र दिया था लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
पीड़ित पिता का कहना है कि बुधवार सुबह चार बजे के करीब बच्चे को लेकर अस्पताल में इलाज करवाने के लिए पहुुंचा था। एंबुलेंस को बुलाया था, लेकिन एंबुलेंस के खराब होने के बाद दूसरी एंबुलेंस में बच्चे को ले जाया गया। इस दौरान काफी समय बर्बाद हो गया। वहीं जब अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने काफी देर बाद बच्चे को एडमिट होने की बात कही। इस बीच बच्चे के पिता सामान और फार्म लेने के लिए गए थे। लेकिन जब लौटे तो डॉक्टर वहां मौजूद नहीं थे, और जब डॉक्टर नहीं आए तो मैं डॉक्टर ड्यूटी रूम में जाकर बच्चे को देखने की बात कही। इस पर डॉक्टर भड़क गए और कहा कि एक तेरा बच्चा नहीं है, हमारे पास लाइन लगी रहती है।
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डीडीयू अस्पताल में इलाज करवा रहे बच्चे का
बच्चे का पिता का कहना है कि इस तरह का बर्ताव होने के बाद वह अपने बच्चे को इलाज के लिए डीडीयू अस्पताल लाए है। यहां पर बच्चे का इलाज किया जा रहा है।
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हर पहलू पर कर रहे जांच : प्रवीर
एएसपी सिटी प्रवीर ठाकुर ने कहा कि पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज की डिटेल भी ली जा रही है। मामले में कौन सही है कौन गलत। जांच के बाद ही साफ तौर पर कुछ कहा जा सकता है।
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