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बर्फीले तूफान में फंसे 180 यात्री, आधी रात को चलाया गया रेस्क्यू

Mon, 18 Apr 2016 09:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, केलांग, लाहौल-स्पीति
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सूचना मिलते ही बीआरओ की टीम ने शनिवार आधी रात दो बजे मशीनों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
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रोहतांग दर्रे में फिर बर्फीले तूफान के बीच 18 वाहनों में सवार महिलाओं और बच्चों समेत लगभग 180 यात्री शनिवार रात 9 बजे से रविवार सुबह 3 बजे तक फंसे रहे। जिन्हें सुबह साढ़े तीन बजे बाहर निकाला गया और पांच बजे सुरक्षित मनाली पहुंचाया गया।
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इस घटना के  तीन दिन पहले भी यात्री रोहतांग में बर्फीले तूफान में फंस गए थे। सूचना मिलते ही बीआरओ की टीम ने शनिवार आधी रात दो बजे मशीनों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घुप अंधेरे में बर्फीले तूफान के बीच सड़क से बर्फ हटा संगठन के जवानों ने सुबह करीब तीन बजे मार्ग बहाल किया और यात्री 5 बजे सुरक्षित मनाली पहुंचे।

शनिवार रात करीब 1 बजे प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य जवाहर शर्मा को तोद घाटी के तिनो गांव के तंजिन अंज्ञाल ने मोबाइल पर रोहतांग दर्रे में यात्रियों के फंसने की सूचना दी। इसके बाद जवाहर शर्मा ने तत्काल डीसी लाहौल स्पीति विवेक भाटिया को सूचना देकर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आग्रह किया।
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तेज तूफान के बीच से बीआरओ ने बचाई लोगों की जान

तेज बर्फीला तूफान चलने के कारण यात्रियों से भरे वाहन भी हिल रहे थे। - फोटो : फाइल फोटो
तंजिन अंज्ञाल ने अमर उजाला को बताया कि जवाहर को सूचना देने के करीब पौने घंटे बाद रोहतांग में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। डीसी विवेक भाटिया ने उसी दौरान मढ़ी स्थित रेस्क्यू टीम और बीआरओ से संपर्क किया। डीसी विवेक भाटिया भी सुबह तीन बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े रहे।

तंजिन ने बताया कि शनिवार शाम 6 बजे कोकसर से 35 वाहनों को रोहतांग के लिए छोड़ा गया, लेकिन राहनीनाला के समीप कुछ वाहनों के निकलने के बाद 18 वाहन फंस गए। इन वाहनों में अधिकतर महिलाओं के साथ बच्चे भी शामिल थे। तंजिन के मुताबिक बाहर तेज बर्फीला तूफान चलने के कारण यात्रियों से भरे वाहन भी हिल रहे थे।

लेकिन बीआरओ और रेस्क्यू टीम ने सूचना देने के पौने घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। सुबह साढ़े तीन बजे तक सभी वाहनों को रोहतांग से सुरक्षित निकाल कर मनाली पहुंचाया गया। इस संबंध में डीसी विवेक भाटिया ने बताया कि सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि बर्फीले तूफान में फंस कर लोगों की जान न जाए, इसके लिए प्रशासन ने रोहतांग में ऑड-ईवन फार्मूले को लागू किया है।
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