शिमला। शहर के सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र लोअर बाजार में अतिक्रमण बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। न्यायालय के आदेशों पर शनिवार को अग्निशमन विभाग ने फिर लोअर बाजार में मॉकड्रिल की। 12:40 पर अग्निशमन वाहन स्टेशन फायर आफिसर डीसी शर्मा की अगुवाई में डीसी आफिस से शेरे पंजाब की ओर रवाना हुआ। दुकानों के बाहर अतिक्रमण और नगर निगम की सड़क पर तहबाजारियों के कब्जे के चलते अग्निशमन वाहन जगह जगह फंसता रहा। वाहन के साथ नगर निगम के अफसर और कर्मी भी चल रहे थे लेकिन अग्निशमन वाहन गुजरते ही दुकानदारों ने भी सामान बाहर टांग दिया और तहबाजारी भी सड़क पर जम गए। नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट ने 20 नवंबर को लोअर बाजार का निरीक्षण कर अतिक्रमण रोकने के निर्देश दिए थे। दावा किया था कि नगर निगम पूरी सख्ती बरतेगा ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो जाए। लेकिन उसके बाद न तो मेयर दोबारा लोअर बाजार गईं और न ही समस्या का कोई समाधान हुआ।
20 नवंबर को यह कहा था मेयर ने
नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट ने 20 नवंबर को लोअर बाजार का निरीक्षण करने के बाद कहा था कि तहबाजारियों और दुकानदारों से हाथ जोड़कर नियमों के दायरे में रहने की अपील की गई है। अब जो नहीं मानेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और सामान जब्त किया जाएगा। अवैध अतिक्रमण किसी भी कीमत पर सहन नहीं होगा।
टाइम ही नहीं लगा, सोमवार को देखते हैं : मेयर
नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि लोअर बाजार का दोबारा निरीक्षण करने का उन्हें टाइम ही नहीं लगा। समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकता है। सोमवार को टाइम मिला तो बाजार का निरीक्षण करेंगे।
- कुसुम सदरेट मेयर, नगर निगम
स्थान चिन्हित लेकिन नहीं हुआ आवंटन
राजधानी शिमला में तहबाजारियों को बसाने के लिए ‘आजीविका संरक्षण एवं रेहड़ी फड़ी अधिनियम-2014 के तहत स्ट्रीट वेंडिंग पालिसी’ लागू नहीं हो पाई है। नगर निगम ने 700 तहबाजारियों को बसाने के लिए स्थान तो चिन्हित किए हैं लेकिन अभी तक आवंटन नहीं हो पाया है। नगर निगम तहबाजारियों के डिजिटल आई कार्ड बनाने के भी दावे करता रहा है लेकिन अभी तक इसकी भी प्रक्रिया शुरू नही हुई है।