कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का काम कर रही कंपनी का टेंडर खत्म होने के बाद 150 सुरक्षा कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इन्हें तीन महीने का वेतन भी नहीं दिया है। इससे इनमें भारी रोष है। अब फोरलेन के दूसरे फेज का काम गावर कंस्ट्रक्शन को मिला है। करीब सात साल से सुरक्षा कर्मी फोरलेन में पड़े सामान की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे थे। अभी तक फोरलेन का निर्माण कार्य आईटीएनएल कंपनी कर रही थी। कंपनी ने वी ईगल सिक्योरिटी को सुरक्षा का जिम्मा दिया था।
कंपनी बीच में ही काम छोड़कर चली गई, लेकिन वी ईगल सिक्योरिटी के सुरक्षा कर्मी कार्य कर रहे थे। फोरलेन का निर्माण कार्य गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला तो 22 अप्रैल को करीब 150 सुरक्षा कर्मियों को बाहर कर दिया गया। सुरक्षा गार्डों, सुपरवाइजर और सुरक्षा अधिकारी को फरवरी, मार्च और अप्रैल का वेतन तक नहीं दिया गया है।
सुरक्षा गार्ड बलदेव, देशराज, हंसराज, प्रदीप, मस्तराम, विक्रांत, होशियार सिंह, राजकुमार, सुपरवाइजर रमेश और सुरक्षा अधिकारी सुरजीत और अन्य ने बताया कि नौकरी से निकालने से पहले उन्हें नोटिस तक नहीं दिया गया। 24 अप्रैल को अचानक उनकी सेवाएं बंद कर दी गईं।
उनका एक साल का ईपीएफ और तीन माह का वेतन भी पेंडिंग है। वी-ईगल सुरक्षा कंपनी के एमडी संजीव श्याम ने बताया कि अभी तक आईटीएनएल ने सुरक्षा कर्मियों का वेतन उन्हें नहीं दिया है। वेतन आते ही सुरक्षा कर्मियों को दे दिया जाएगा। इनका टेंडर गावर कंपनी ने खत्म कर दिया है। कंपनी ने हरियाणा की किसी कंपनी को यह टेंडर दिया है।