गगरेट में नशीली दवाइयों की तस्करी मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी पार्षद वीरेंद्र कुमार के घर शनिवार सुबह पुलिस ने दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने 210 पेटी शराब की पकड़ी। इसके बाद पुलिस ने नशीली दवाओं के मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी पार्षद के कार्रवाई और तेज कर दी। शनिवार सुबह लगभग आठ बजे गगरेट पुलिस की छापे के दौरान उम्मीद नहीं थी कि पार्षद के घर में इतना बड़ा शराब का जखीरा बरामद होगा।
पहले नशे की दवाइयों की बड़ी खेप और उसके बाद शराब का बड़ा जखीरा आरोपी के घर में बरामद किया गया। यह एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। बता दें कि एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की टीम ने बीते वीरवार को देर रात 28,000 से अधिक नशीले कैप्सूल के साथ तीन लोगों को पकड़ा था।
आरोपियों से पूछताछ में मुख्य आरोपी के तौर पर पार्षद वीरेंद्र कुमार का नाम सामने आया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही मुख्य आरोपी फरार होकर अपने किसी जानकार के पास छिप गया। शुक्रवार शाम को पुलिस के उसे धर दबोचा। डीएसपी अंब वसुधा सूद ने बताया कि शराब आैर दवाओं को पकड़ने के मामले की जांच जारी है।
25,000 प्रतिबंधित दवाओं की दूसरी खेप पकड़ी
पुलिस ने प्रतिबंधित दवाइयों की दूसरी बड़ी खेप पकड़ी है। शनिवार शाम को ट्रांसपोर्ट से आई प्रतिबंधित दवाइयों की खेप के बारे में पुलिस को जानकारी थी। जैसे ही दवाइयों की खेप लेकर गाड़ी पहुंची, पुलिस ने ट्रांसपोर्ट में ही दबिश दे दी।
इस दौरान करीब 25,000 प्रतिबंधित दवाइयां पकड़ी गईं। पकड़ी दवाई ट्रामाडोल है। बीते वीरवार को पुलिस ने लगभग 28,500 प्रतिबंधित दवाइयों कि खेप पकड़ी। गिरफ्तार मुख्य आरोपी वीरेंद्र कुमार के लिए ही शनिवार को दूसरी खेप आई थी।