चाबधार निवासी जितेंद्र चौहान, तपेंद्र सिंह, दिलावर सिंह, शमशेर सिंह, कमल नयन चौहान, मोहन सिंह हरिचंद और मोहनलाल आदि ने बताया कि 2002 में तत्काल सांसद धनीराम शांडिल ने नौहराधार से चाबधार तक करीब आठ किलोमीटर लंबी सड़क का शिलान्यास किया था। वीरभद्र सरकार में 40 लाख की राशि स्वीकृत हुई। 16 साल बीत जाने के बावजूद सड़क नहीं बन पाई।
उन्होंने कहा कि चाबधार के लोगों के साथ सभी सरकारें सौतेला व्यवहार करती आई हैं। चाबधार और आसपास की बस्तियों में विद्युत व पेयजल व्यवस्था भी चरमराई हुई है। पानी करीब एक किलोमीटर दूर से ढोकर लाना पड़ रहा है। बिजली के खंभों में तार हवा से लटक रहे हैं। कई स्थानों पर बिजली के तार पेड़ों से बंधे हैं।
कई जगह सर्विस वायर जमीन पर बिछी है, जिससे करंट लगने का हमेशा खतरा बना रहता है। रेणुका के विधायक विनय कुमार ने बताया कि नौहराधार से चाबधार सड़क विधायक की प्राथमिकता में है। करीब आठ किलोमीटर सड़क का दो करोड़ का प्राक्कलन उनके कार्यकाल में तैयार हुआ। वह इस सड़क के लिए प्रयासरत हैं।