प्रदेश सरकार ने सचिवालय के बाहर ‘धन्यवाद कार्यक्रम’ की इजाजत देकर मंगलवार को हजारों लोगों को मुश्किल में डाल दिया। पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा को मुख्य सचेतक बनाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताने सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता शिमला पहुंचे। अति उत्साह में भाजपाइयों ने सचिवालय गेट पर नाटी डालनी शुरू कर दी। इस दौरान कार्यकर्ता सड़क पर नाच गाकर जश्न मनाते रहे और हजारों लोग ट्रैफिक जाम के कारण वाहनों में कैद हो कर रह गए। प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण आवाजाही कर रहे स्कूल और कॉलेज के छात्रों, कर्मचारियों और सैलानियों को घंटों वाहनों में ही कैद रहना पड़ा। कार्यक्रम के चलते छोटा शिमला-राजभवन सड़क पर भी वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई।
समय सुबह 10:30 बजे, स्थान छोटा शिमला
पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा समर्थकों के साथ सचिवालय से बाहर निकल कर राजभवन बायफरकेशन की ओर निकले। यहां पहले से भारी संख्या में ढोल नगाड़ों के साथ मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने बरागटा के पहुंचते ही नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क के दोनों ओर खड़े समर्थक नारे लगाते हुए बीच सड़क पर आ गए, जिससे यातायात जाम हो गया। डीएसपी दिनेश शर्मा और गोपाल वर्मा ने कड़ी मशक्कत से कार्यकर्ताओं को नियंत्रित किया। करीब पंद्रह मिनट बाद कार्यकर्ता राजभवन की ओर रवाना होने लगे। इसके बाद चेतन बरागटा ने इन्हें रोक कर वापस बुलाया। 11:40 बजे राजभवन बायफरकेशन से कार्यकर्ता सचिवालय की ओर रवाना हुए। इसके बाद यहां ट्रैफिक पूरी तरह बंद हो गया। वाहनों की कतार छोटा शिमला से टालैंड और हिमफेड पेट्रोल पंप तक लग गई। दोपहर 12:00 बजे कार्यकर्ताओं ने सचिवालय के बाहर नाटी डालनी शुरू कर दी। सड़क के बीचोंबीच नाच रहे कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। सचिवालय के अधिकारी कर्मचारी भी शोरगुल में नाटी देखने बाहर निकल आए। इसके बाद कार्यकर्ता नाचते-गाते सचिवालय के नीचे सीएम पार्किंग में बनाए सभा स्थल पर पहुंचे। यहां भी अव्यवस्था से पीछा नहीं छूटा, मुख्यमंत्री को मंच तक पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
स्टीकर या झंडा लगाओ तब नहीं होगा चालान
भाजपा कार्यकर्ताओं की गाड़ियां पार्क करने के लिए शिमला पुलिस ने खास बंदोबस्त किया था। सुबह आठ बजे से छोटा शिमला-नवबहार सड़क पर पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं की गाड़ियां पार्क करवाने को पुलिस ने यहां पहले से खड़ी टैक्सियों को वीआईपी मूवमेंट के नाम पर चेतावनी देकर हटवा दिया। यहां तैनात पुलिस अधिकारियों को सचिवालय से फोन पर आदेश आए थे कि एचपी 09, एचपी 10 नंबर गाड़ियों के चालान न किए जाएं। इसके बाद असमंजस में पुलिस कर्मी कार्यकर्ताओं से गाड़ियों में स्टीकर या झंडा लगाने का आग्रह करने लगे, जिससे कार्यक्रम में आई गाड़ियों की पहचान हो सके।
भाई मैं मेयर हूं, मुझे तो आगे जाने दो
शहर की पहली नागरिक नगर निगम की मेयर को सभा स्थल पर अव्यवस्था के कारण असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। मेयर कुसुम सदरेट देरी से कार्यक्रम में पहुंचीं। मंच पर जाने के लिए उन्होंने लोगों से रास्ता देने का आग्रह किया लेेकिन कार्यकर्ताओं ने उन्हें नहीं पहचाना। इस दौरान कुछ लोग तो मेयर से उलझ गए। नरेंद्र बरागटा की मेयर पर नजर पड़ी और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को मेयर को मंच तक पहुंचाने का इशारा किया।