किसान अपने उत्पादों को कौड़ियों के भाव बेचने के लिए मजबूर हैं। यह बात वाईडब्ल्यूसीए में आयोजित हिमाचल किसान सभा के अधिवेशन में कही गई। अधिवेशन में शिमला, सोलन और सिरमौर के किसानों ने अपनी समस्याओं को जोरशोर से उठाया। इस अवसर पर जिला शिमला हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष सत्यवान पुंडीर ने बताया कि सब्जी उत्पादन का क्षेत्र और सब्जी उत्पादक सरकारों की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं।
सरकार इनकी ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। फलों और अनाज से भी नाजुक और जल्द नष्ट होने वाली सब्जियों को दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते मजबूरन किसानों को अपने उत्पाद कौड़ियों के भाव बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। किसान सभा ने यह भी आरोप लगाया कि कोल्ड व सीए (कंट्रोल्ड एटमॉसफियर) स्टोर की सुविधा नहीं है। वहीं, सरकार के पास इसको लेकर भी कोई योजना नहीं है।
अधिवेशन में सतोग से आए विनोद ने कहा कि उनके पास सिंचाई व्यवस्था नहीं है। ढली पंचायत से आए मदन लाल भारद्वाज ने कहा कि तीन किलोमीटर तक पीठ पर सब्जी उठाकर सड़क तक पहुंचना पड़ती है। हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि 2022 में किसानों की आय को दोगुना करने की घोषणाएं केवल घोषणा बनकर रह गई हैं। अधिवेशन में कसुम्पटी इकाई के अध्यक्ष गुलाब सिंह चंदेल, जिला कोषाध्यक्ष जयशिव ठाकुर, जगदीश शर्मा आदि मौजूद रहे।