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HP Aessembly Session: चौहान बोले-जलजीवन मिशन में 1138 योजनाएं लंबित, केंद्र से 2000 करोड़ का इंतजार

Fri, 23 Feb 2024 06:27 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

केंद्र सरकार को 2000 करोड़ रुपये जारी करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस धनराशि के प्राप्त होते ही योजनाओं को पूरा कर दिया जाएगा। 
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उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि जलजीवन मिशन के तहत प्रदेश में 1138 योजनाएं लंबित हैं। केंद्र सरकार को 2000 करोड़ रुपये जारी करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस धनराशि के प्राप्त होते ही योजनाओं को पूरा कर दिया जाएगा। शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की गैरमौजूदगी में जवाब देते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जलजीवन मिशन की अवधि बढ़ा दी है। राज्य सरकार हर पात्र परिवार को पानी का कनेक्शन उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के अलग-अलग घर बसने से आवेदकों की संख्या बढ़ी है। योजना के तहत परिवार के मुखिया के नाम पर आधार नंबर के माध्यम से नल लगाए गए हैं। विधायक विपिन परमार, सुखराम चौधरी और दलीप ठाकुर ने प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठाया।

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जवाब में मंत्री ने कहा कि गत तीन साल में 1163 पेयजल योजनाएं मंजूर हुई हैं। 610 पूरी हो गई हैं। प्रदेश में 17.90 लाख लोगों को पानी के कनेक्शन दिए गए हैं। अभी कई ऐसे घर हैं, जिन्हें पानी के कनेक्शन नहीं दिए जा सके हैं। जब केंद्र से 2,000 करोड़ रुपये आएंगे तो यह योजनाएं पूरी होंगी। विभाग की ओर से आधे इंच और पौने इंच के पाइपों की कमी को जल्दी पूरा किया जाएगा। इससे पहले विधायक परमार ने कहा कि एक साल से जलजीवन मिशन के तहत नल नहीं लगे हैं। विधायक सुखराम चौधरी ने नाहन मंडल के तहत जारी और लंबित कनेक्शनों की जानकारी मांगी। विधायक दलीप ठाकुर ने कहा कि एक साल से टैंक तैयार पड़े हैं, लेकिन इसमें पानी नहीं छोड़ा जा रहा।

इंदौरा से पठानकोट एंबुलेंस नहीं जाने पर विधायक ने जताई नाराजगी
 विधायक मलेंद्र राजन की गैरमौजूदगी में उनका सवाल उठाते हुए विधायक केवल सिंह पठानिया ने इंदौरा से पठानकोट तक 108 एंबुलेंस नहीं जाने पर नाराजगी जताई। प्रश्नकाल के दौरान केवल सिंह पठानिया ने कहा कि एंबुलेंस को चंडीगढ़ तो भेजा जा रहा है, लेकिन पांच-सात किलोमीटर दूर पठानकोट नहीं भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि अगर एंबुलेंस को नहीं भेजना है तो वहां के अस्पतालों को किसलिए सूचीबद्ध किया गया है। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि आपातकाल में एंबुलेंस अन्य जगह भेजने का केंद्र सरकार से मामला उठाया जाएगा।
 

एनएच प्रभावितों की शिकायतें जानने मौके पर जाएंगे डीसी कांगड़ा जगत
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि जिला कांगड़ा में एनएच प्रभावितों की शिकायतों को जानने के लिए उपायुक्त और एनएच के परियोजना अधिकारी एक सप्ताह के भीतर मौके पर जाएंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उच्च मार्गों व हवाई अड्डों के विस्तारीकरण में मुआवजे की अदायगी के लिए सर्किल रेट अलग से तय नहीं किए जाते। सर्किल रेट का निर्धारण एक सामान्य प्रक्रिया है, जो क्रय-विक्रय विलेख व अन्य प्रकार के भूमि हस्तांतरण के लिए भारतीय स्टांप शुल्क की वसूली के प्रयोजन के लिए निर्धारित किए जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि सर्किल रेट संबंधित उपमंडल समाहर्ता की ओर से प्रत्येक राजस्व गांव के लिए गत वर्ष में कुल क्रय-विक्रय विलेख के अनुसार कुल रकबा व कुल क्रय-विक्रय की राशि को आधार मूल्य मानकर राष्ट्रीय उच्च मार्ग, राज्य उच्च मार्ग एवं अन्य सड़कों से 100 मीटर तक तथा 100 मीटर से अधिक की दूरी के लिए अलग सर्किल रेट अधिसूचित किए जाते हैं। यह रेट एक वर्ष के लिए ही मान्य रहते हैं। इससे पूर्व विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर में सर्किल रेट में अचंभा देखने को मिला है। 15 किलोमीटर के भीतर सर्किल रेट में मुआवजा अलग-अलग है। द्रमण और शाहपुर बाजार खत्म हो गए हैं। रेट अलग-अलग क्यों है, इसकी जांच होनी चाहिए। विधायक पवन काजल ने कहा कि एक प्रोजेक्ट के लिए एक प्रकार का मुआवजा मिलना चाहिए। 
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