रेखा का घर रानीखेत में है, जहां वह अपने पति और तीन बेटियों के साथ रहती हैं। वह रानीखेत से हल्द्वानी के बीच टैक्सी चलाती हैं। रेखा के पति का नाम मुकेश चंद्र पांडे है, जो कि फौज से रिटायर हो चुके हैं। टैक्सी ड्राइवर बनने की नौबत तब आई जब अचानक उनके पति की तबीयत खराब हुई। फौज से रिटायर होने के बाद उनके पति ने टैक्सी चलाने का काम शुरू किया।
अचानक उनकी तबीयत खराब हुई तो टैक्सी चलाने के लिए एक ड्राइवर को रख लिया गया लेकिन इससे उन्हें काम में नुकसान होने लगा। बाद में रेखा ने परिवार को संभालने और पति की मदद के लिए खुद ही स्टेयरिंग अपने हाथों में ले ली। उन्होंने शुरू में जब टैक्सी चलानी शुरू की तो मुश्किलें आईं। पति की देखरेख, बच्चों को संभालने के साथ ही दिनभर घर से बाहर रहकर काम करना आसान नहीं था। रिश्तेदारों और लोगों की बातें भी सुननी पड़ी लेकिन उनका मनोबल कभी कम नहीं हुआ। आज उनकी हिम्मत की तारीफ हो रही है। परिवहन मंत्री ने उन से फोन पर बात की और मदद का आश्वासन दिया है।