आगरा: एसएसपी के साथ अरुण के भाई
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पुलिस हिरासत में मरने वाले अरुण के परिवार का आरोप है कि मालखाने में चोरी के बाद पुलिस एक-एक करके लोगों को पकड़कर थाने ला रही थी। परिवार के छह लोगों सहित रिश्तेदारों-परिचितों को भी पकड़ लिया था, जबकि परिवार का कोई व्यक्ति नामजद नहीं था। पुलिस की चोरी में भी नाम नहीं आया था। इसके बावजूद परिवार को 60 घंटे तक अवैध हिरासत में ही रखा गया। अरुण की मौत के बाद पुलिस बैकफुट पर आई। तब कहीं रिहाई मिल सकी।
रिंकू, सोनू और बंटी ने बताया कि रविवार शाम को सात बजे पुलिस वाले घर आए। उन्होंने अरुण के बारे में पूछा। उनसे कहा कि वो घर में नहीं आए हैं। इस पर पुलिसकर्मी उन्हें थाने लेकर चले गए। मां कमला देवी और सोनू की पत्नी जया को भी अपने साथ ले आए। पांचों से अरुण के बारे में सवाल जवाब किए।
पुलिसकर्मियों को बताया कि अरुण सुबह से घर नहीं आया है। उसका मोबाइल भी घर में रखा हुआ है। उसकी पत्नी सोनम भी रिश्तेदार के घर में थी। पुलिस ने उसे भी बुला लिया। सभी को थाने पर बैठा लिया। अरुण के परिचित पीर कल्याणी और ताजगंज में रहते हैं। पुलिस ने पहले पीर कल्याणी से परिचितों को उठाया। इसके बाद ताजगंज में दबिश देनी लगी। रिश्तेदार युवती के पति को उठाकर ले आई। यह कहा कि अरुण आए तो पुलिस को सूचना दे देना। सोमवार रात को अरुण ने नए नंबर से कॉल किया। पत्नी और मां के बारे में पूछा। इस पर उसे बताया कि सभी थाने में है। यह सुनकर अरुण ने फोन काट दिया।
मंगलवार दोपहर को वो ताजगंज में रिश्तेदार के घर पहुंचा। उन्होंने उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दे दी। पुलिसकर्मी उसे लेकर आ गए। इसके बाद एक चौकी पर ले जाकर पूछताछ की गई। तब भी पुलिस ने परिवार के लोगों को छोड़ा नहीं। अरुण लेकर घूमती रही। उसकी मौत के बाद सुबह सात बजे सभी पुलिस ने एक-एक करके घर छोड़ने ले गई।
पीर कल्याणी के युवक हिरासत में लिए
पुलिस ने पीर कल्याणी के तीन युवकों को पकड़ा था। उनके परिजन भी पोस्टमार्टम हाउस पर आ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अरुण से उनका कोई नाता नहीं था। फिर भी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया है। परिवार के लोगों से भी नहीं मिलने दे रहे है।
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