बाजारों में इनकी है मांग
वजन के अनुसार इनकी कीमत नौ सौ से 25 हजार तक है। राम मंदिर के मॉडल की बहुत अधिक मांग है। कुछ सराफा ने सोने के राम मंदिर भी बनाए हैं। अयोध्या, राम दरबार बने चांदी के सौ व 250 ग्राम के सिक्के बाजार में आए हैं। वहीं, कारोबारी दीपेश कुमार ने बताया कि राम ध्वजा, अंगवस्त्र, माला, लॉकेट, चाबी, राम दरबार के चित्र, राम मंदिर के मॉडल के चित्र, सजावटी सामान, कड़े की मांग है।
प्रचार सामग्री के भी आर्डर मिल रहे हैं
बाजारों को सजाने के लिए भगवा लड़ी की मांग और कुर्ता, टी-शर्ट के लिए खादी की मांग देखी जा रही है। यह मॉडल हार्डबोर्ड, पाइनवुड लकड़ी से तैयार किए जा रहे हैं। 22 जनवरी को शहर, घरों को मिट्टी के दीपकों और झालरों से सजाया जाएगा। इसके चलते दीपकों, झालरों के अलावा रंगोली, फूलों की लड़ियों की मांग है। इसके अलावा प्रचार सामग्री जिसमें होर्डिंग, पोस्टर, बैनर, पत्रक, स्टीकर आदि के भी आर्डर मिल रहे हैं।
आठ सौ करोड़ के कारोबार का अनुमान
कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन कैट ने प्राण प्रतिष्ठा से शहर में करीब आठ सौ करोड़ के कारोबार का अनुमान लगाया है, जबकि उप्र में आठ हजार और पूरे देश में 50 हजार करोड़ के कारोबार की संभावना है। कैट के प्रदेश महामंत्री अशोक बाजपेई ने बताया कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कानपुर समेत देश भर के लोगों में उत्साह है, जो व्यापार के रूप में बड़ा अवसर दे रहा है। गाने और गीत बन रहे है। इससे गीतकार, संगीतकार एवं गायकों को भी रोजगार मिलेगा।