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प्राण प्रतिष्ठा: गोरखपुर में जमकर हुई आतिशबाजी फिर हवा में घुल गया काला जहर

Wed, 24 Jan 2024 11:16 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर शहर की हवा एक बार फिर से दिवाली के बाद जैसी प्रदूषित हो गई है। इस समय सिक्सलेन, फ्लाईओवर और कई परियोजनाओं के निर्माण कार्य भी धीमी गति से हो रहा है। दिवाली के समय निर्माण कार्य भी चल रहे थे और जमकर अतिशबाजी हुई थी।
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अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के दिन जमकर हुई आतिशबाजी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर शहर की आबोहवा एक बार फिर खराब हो गई है। रविवार को शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 84 दर्ज किया गया था। जबकि, सोमवार को 130 और मंगलवार की सुबह 160 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को पूरे दिन हुई आतिशबाजी के चलते ही प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया। ऐसे में मार्निंग वॉक सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। वहीं, डॉक्टर की सलाह है कि ऐसे समय हृदय और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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पिछले चार दिनों से चल रहे पछुआ हवा के चलते वातावरण में नमी बनी हुई है। बावजूद इसके शहर में आबोहवा स्वच्छ श्रेणी में थी। शनिवार को एक्यूआई 120 था जो रविवार को घटकर 84 पहुंच गया था। इसके बाद सोमवार को श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की खुशी में शहर में जमकर आतिशबाजी हुई। परिणाम स्वरूप सोमवार की रात में एक्यूआई बढ़कर 130 पहुंच गया। मंगलवार की सुबह 11 बजे बढ़कर यह 160 तक पहुंच गया था।

प्रदूषण का यह आलम तब है, जब शहर में इन दिनों ज्यादातर निर्माण कार्य बंद है। मौसम विशेषज्ञ जयप्रकाश के मुताबिक वातावरण में नमी के चलते प्रदूषण के कण वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। जिससे कोहरा व धुंध बना हुआ है। हवा की रफ्तार धीमी होने के चलते कण निचले स्तर पर बने हुए है। ऐसे में सोमवार को जमकर हुई आतिशबाजी से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
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ठंड और प्रदूषण से बढ़ेगी समस्या
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिंह ने कहा कि इस वक्त ठंड के चलते बच्चे बहुत बीमार हो रहे हैं। इस मौसम में निमोनिया का असर अधिक होता है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से बच्चों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। इसके अलावा सांस को जो भी रोगी होंगे, उन्हें भी परेशानी होगी। ऐसे मौसम में अगर कोई सांस का रोगी टहलने निकला तो उसे अस्थमा का अटैक भी आ सकता है। इसलिए खुद भी बचाएं और अपने तीन साल से कम उम्र के बच्चों को ठंड व प्रदूषण से बचाने का हर संभव प्रयाास करें।

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दिवाली के बाद जैसे हो रहे हालात
गोरखपुर शहर की हवा एक बार फिर से दिवाली के बाद जैसी प्रदूषित हो गई है। इस समय सिक्सलेन, फ्लाईओवर और कई परियोजनाओं के निर्माण कार्य भी धीमी गति से हो रहा है। दिवाली के समय निर्माण कार्य भी चल रहे थे और जमकर अतिशबाजी हुई थी। तब जाकर एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 150 से लेकर 220 था, जबकि मंगलवार को प्रदूषण का स्तर बढ़कर 150 से ज्यादा हो गया।

सप्ताहभर में यह है एक्यूआई का स्तर

तारीख एक्यूआई
16 जनवरी 104
17 जनवरी 80
18 जनवरी 73
19 जनवरी 103
20 जनवरी 112
21 जनवरी 84
22 जनवरी 130
23 जनवरी 147

 
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