वर्ष 1989 में दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पर राम मंदिर आंदोलन को लेकर बैठक करते महंत अवेद्यनाथ।।
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पौराणिक महत्व का दुग्धेश्वरनाथ मंदिर रामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन का भी साक्षी है। तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ ने वर्ष 1989 में इसी मंदिर पर विशाल धर्म संसद बुलाकर रामजन्म भूमि को मुक्त कराने के लिए आंदोलन का बिगुल फूंका था। आज मंदिर निर्माण के साथ यह अपनी सुखद परिणति पर पहुंच रही है।
दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के महंत रमाशंकर भारती ने बताया कि महंथ जी ने हिंदू एकता और समरसता के लिए दुग्धेश्वर नाथ मंदिर को राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की कार्यशाला बना दी थी। वह प्रत्येक माह आरती के उपरांत मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं को संबोधित करते थे।
महंत अवेद्यनाथ रामजन्म भूमि मुक्ति आंदोलन यज्ञ समिति के अध्यक्ष रहे। उनकी अध्यक्षता में छुआछूत का भेद मिटाकर लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ने का व्यापक कार्यक्रम चला। तब इसाई मिशनरियां तेजी से धर्मांतरण करा रही थी। रुद्रपुर में भी दलित बस्तियों में तमाम लोगों का धर्मांतरण हो चुका था।
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