सबसे पहले जानिए सीएम पद के दावेदार कौन-कौन?
राजस्थान की दो बार मुख्यमंत्री रह चुकी वसुंधरा राजे इस बार भी सीएम पद की दावेदार हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद से राजे विधायकों से मिल रहीं हैं। साथ दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से भी मुलाकात की है। राजपरिवार से आने वाली दीया कुमारी भी सीएम पद की दावेदार हैं। बाबा बालकनाथ का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है, लेकिन शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इससे इनकार कर दिया। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, अर्जुन मेघवाल, अश्विनी वैष्णव भी मुख्यमंत्री बनने की रेस में हैं। राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष रहे राजेंद्र सिंह राठौड़ का नाम भी मुख्यमंत्री दावेदारों की दौड़ में शामिल है, लेकिन ये चुनाव हर गए थे।
मुख्यमंत्री चयन को लेकर अब तक क्या-क्या हुआ
तीन दिसंबर को चुनाव परिणाम सामने आने के बाद वसुंधरा राजे राजस्थान में सक्रिय हुईं। उन्होंने विधायकों को डिनर के लिए अपने आवास पर बुलाया। कई विधायक राजे को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में बयान दे चुके हैं। वसुंधरा के बेटे और भाजपा सांसद दुष्यंत पर विधायकों की बाड़ेबंदी करने के आरोप लगे। राजे और दुष्यंत ने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। साथ ही राजे ने अमित शाह से भी मिलीं थीं। उधर, बाबा बालकनाथ भी अमित शाह और नड्डा से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। बीते शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने भी नड्डा से मुलाकात की थी। शनिवार को नड्डा ने वर्चुअली बैठक कर विधायकों के साथ चर्चा की।
आगे क्या होना वाला है?
नए मुख्यमंत्री को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच भाजपा हाईकमान ने राजस्थान के लिए तीन पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह, विनोद तावडे और सरोज पांडेय को नियुक्त किया है। तावडे और सरोज पांडेय रविवार को जयपुर पहुंचेंगे। इस दौरान विधायकों के साथ सीएम चेहरे को लेकर चर्चा की जाएगी। बताया जा रहा है कि पर्यवेक्षक विधायकों के साथ वन-टू-वन चर्चा भी कर सकते हैं। रविवार को पूरे दिन पार्टी कार्यालय में बैठकों का दौर चलेगा।
15 तक होगी मुख्यमंत्री की शपथ
16 दिसंबर में मलमास लगने वाला है, इस दौरान शुभ कार्यों का करना वर्जित माना जाता है। ऐसे में पूरी संभावना है कि राजस्थान की नई सरकार का गठन 15 दिसंबर तक कर लिया जाएगा। यानी मुख्यमंत्री और मंत्रियों की शपथ हो सकती है।