आरोपी नीरज अपने घर में दो साल यानि 2020 से बंद था। इन दो साल में वह एक भी बार घर से बाहर नहीं निकला। बताया जा रहा है कि आरोपी नीरज ने दो बार फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया है। एक बार कोर्ट में पेश करने के और दूसरी बार बीमा की रकम लेने के लिए। इधर, नीरज की तथाकथित मौत के बाद उसके कर्जदारों ने उसके परिजनों ने उधारी के रुपये चुकाने के लिए तकादा शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार नीरज को रुपये देने वाले लोग अपने पैसे वापस लेने के लिए उसके घर आने लगे थे, लेकिन उन्हें कभी नीरज घर पर नहीं मिला। इससे परेशान होकर कर्जदारों ने नीरज के भाईयों से पैसे मांगना शुरू कर दिया। करीब दो साल ऐसे ही चलता रहा। इधर, कर्जदारों के तकादे से परेशान होकर आरोपी नीरज का भाई थाने पहुंचा और पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस पूरे मामले को लेकर आरोपी से पूछताछ कर करी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी नीरज ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाया इसकी जांच की जा रही है। इस फर्जीवाड़े में आरोपी का किस किस ने साथ दिया है। इस संबंध में भी उससे पूछताछ की जा रही है। ऐसे में साफ है कि मामले में अभी कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी पर मैरिज होम का करीब 16 लाख रुपये का किराया बकाया है। वहीं उसने 50-50 लाख की दो बीमा पॉलिसी भी कराईं थीं। खुद को मृत घोषित कर आरोपी बीमा पॉलिसी की रकम भी हड़पना चाहता था।