केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को कन्हैयालाल के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों से मुलाकात के बाद शेखावत ने कहा कि कन्हैयालाल जी की हत्या भले हत्यारों ने की है लेकिन राज्य सरकार और राजस्थान पुलिस के अधिकारी इस दोष और पाप से मुक्त नहीं हो सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि एक पोस्ट डालने का आपके सामने फर्क रखना चाहता हूं। एक पोस्ट डालने पर एक व्यक्ति को उठाकर तुरंत जेल के सलाखों के बीच में डाल दिया जाए लेकिन खुलेआम एलान और धमकियां देने वाले व्यक्ति, जो पुलिस की उपस्थिति में जीभ काट देंगे, शरीर काट देंगे, टुकड़े-टुकड़े कर देंगे की धमकी दे रहा है, उसके ऊपर कोई कार्रवाई ना की जाए। उसको मुकदमा दर्ज होने के बावजूद 10 दिन तक गिरफ्तार ना किया जाए। फिर जिस तरह से गिरफ्तार किया जाए और उसके बाद जिस तरह से घर छोड़ा जाए, यह मानसिकता इस बात को बताती है कि इस तरह के लोगों को अपने वोट बैंक को साधने के लिए कौन आश्रय दे रहा है। समाज यह सब देख रहा है, आने वाले समय में समाज हिसाब करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रश्न यह है कि वोट बैंक के लालच में पुलिस पर जिस तरह का दबाव बनाया गया, उसके चलते एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मैंने कन्हैयालाल जी की पत्नी और माता जी से बातचीत की। उनको जो डर और अंदेशा है, वह यह है कि पहले भी हम लोगों की शिकायत के बावजूद कोई सुरक्षा नहीं दी गई। अभी भी उसी तरह का खतरा हमारे परिवार और परिजनों पर है। शेखावत ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया काफी दिन तक चलती है। प्रशासन को परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, वरना इस तरह की घटना वापस होती है तो समाज का प्रशासन, व्यवस्था और वर्दी से विश्वास समाप्त हो जाएगा।
घायल ईश्वर सिंह से भी मिले शेखावत
जलशक्ति मंत्री ने कन्हैयालाल को बचाने का प्रयास करने वाले ईश्वर सिंह से भी भेंट की। शेखावत ने कहा कि ईश्वर जी ने अपने जीवन की परवाह न करते हुए आतंकियों को रोकने का भरसक प्रयास किया। उनका साहस अभिनंदन योग्य है।