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Rajasthan: जोधपुर से पाली आया 43 करोड़ लीटर पानी, वाटर ट्रेन ने 200 फेरे किए पूरे, रेलवे ने कमाए साढ़े छह करोड़

Mon, 04 Jul 2022 03:47 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पाली

सार

पाली में गहराए जलसंकट के चलते जोधपुर से वाटर ट्रेन 17 अप्रैल को शुरु की थी। अब तक 200 फेरे पूरे हो चुके है। 
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वाटर ट्रेन - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पेयजल संकट से त्रस्त पाली मारवाड़ तक संचालित वाटर ट्रेन ने शनिवार को अपने 200 फेरे पूरे कर लिए। जोधपुर रेल मंडल के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से वॉटर ट्रेन के जरिए पाली पानी भेजी जा रही है। आठ हजार वैगन के जरिए अब तक 43.20 करोड़ लीटर पानी भिजवाया जा चुका है। जिससे वैगन किराया के रूप में रेलवे को करीब 6.50 करोड़ का राजस्व मिला है।

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रेल मंत्रालय ने अपने कू हैंडल से इसकी जानकारी दी। बता दें कि राजस्थान का पाली जिला पिछले कई दशकों से पानी की समस्या से जूझ रहा है। जिले में जलस्तर काफी नीचे है। कई क्षेत्रों में पानी बिल्कुल खत्म हो गया है। पाली में पानी के संकट को देखते हुए ही वाटर स्पेशल ट्रेन का संचालन किया गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की पहल पर रेलवे बोर्ड ने वाटर स्पेशल ट्रेन को मंजूरी दी। पेयजल की किल्लत वाले क्षेत्रों के लिए पानी पहुंचाने का कार्य किया गया।

 

वाटर ट्रेन 17 अप्रैल को हुई थी शुरू 

जोधपुर से वाटर ट्रेन 17 अप्रैल को शुरू की गई थी। अब तक 200 फेरे पूरे हो चुके हैं। पानी की समस्या खत्म होने तक इसी तरह वाटर स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। यह वाटर ट्रेन उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के उपनगरीय भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से भर कर भेजी जा रही है। 


कुछ ऐसा है गणित 
प्रत्येक ट्रेन में कुल वैगन- 40
वैगन की भराव क्षमता- 54 हजार लीटर
40 वैगन में कुल भराव- 21 लाख 60 हजार लीटर
दो जुलाई तक फेरों की संख्या- 200
अब तक पेयजल की सप्लाई- 43 करोड़ 20 लाख लीटर
एक फेरे से रेलवे का राजस्व- 3 लाख 27 हजार रुपये 
200 फेरों से अब तक प्राप्त राजस्व- 6 करोड़ 53 लाख 16 हजार 600 रुपये 


पहले भी भेजी जा चुकी है पानी
30 साल पहले पाली के जवाई बांध से नहर के जरिए जोधपुर तक पानी लाया जा रहा था। 20 साल में पहली बार इतने लंबे समय तक वाटर ट्रेन चलाई जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने अलग से बजट की भी घोषणा की है। करीब तीन महीने तक चलने वाली इस ट्रेन पर 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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पहले कब-कब चली वाटर स्पेशल ट्रेन
2002 में पहली वाटर ट्रेन पाली भेजी गई थी
2005 में दूसरी बार पाली के लिए जोधपुर से वाटर ट्रेन रवाना की गई थी
2009 में तीसरी बार ट्रेन चलाई गई
2016 में सभी तैयारी होने के बाद ट्रेन रोक ली गई
2019 में चौथी बार ट्रेन जोधपुर से पाली पहुंची
2021 में तैयारी के बाद बारिश आने से ट्रेन रोक ली गई
17 अप्रैल 2022 को जोधपुर से पाली जिले के लिए वाटर स्पेशल ट्रेन की शुरुआत की गई
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