जारोली गेट पहुंचकर अधिकारियों ने लिया हालात का जायजा।
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राजस्थान के जोधुपर में भड़की हिंसा के बाद धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। पुलिस अब तक 200 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं शुक्रवार को शहर के दस थाना इलाकों में लगे कर्फ्यू में दो घंटे की छूट भी दी गई। यह छूट सुबह आठ बजे से दस बजे तक जारी रही। प्रशासन का कहना है कि शहर में हालात सामान्य है। लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
उधर, सरकार की ओर से मामले की जांच के लिए भेजी गई मंत्री स्तरीय कमेटी के सदस्य संजय अग्रवाल एडीजी राजस्थान ने हिंसा ग्रस्त इलाके का जायजा भी लिया। कर्फ्यू में दी गई ढील के दौरान वह जालोरी गेट पहुंचे और अधिकारियों से बात की। अग्रवाल ने बताया कि पुलिस प्रशासन हालात सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अब तक 200 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही करीब 22 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
क्या है पूरा मामला
दो मई सोमवार देर रात विशेष समुदाय के लोग जारोली गेट पहुंचे और अपने धर्म का झंडा लगाने लगे। उन्होंने यहां स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा के पास पहले से लगे भगवा झंडे को उतार दिया। इस दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और उन्हें ऐसा करने से मना करते हुए उनका वीडियो बनाने लगे। इसके बाद दूसरे समुदाय के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। विवाद के बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया।
जिसमें एक मीडियाकर्मी सहित कुछ अन्य लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़कर मामला को शांत कराया। पुलिस के खदेड़ने के बाद एक पक्ष जालोरी गेट के पास और दूसरा ऑक्सफोर्ड स्कूल के पास अपने-अपने इलाके में चला गया। लेकिन, तनावपूर्ण हालात एक फिर बिगड़ गए। ऑक्सफोर्ड स्कूल की ओर से आए लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इन्हें काबू में करने पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस के काफी प्रयास के बाद लोग तितर-बितर हुए। मंगलवार सुबह शहर के दस थाना इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था।