21 साल की अंजू ने फांसी लगाकर दी जान।
- फोटो : सोशल मीडिया
राजस्थान के नागौर में एक 21 साल की विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। उसका पति पांच लाख रुपए और एक कार के लिए परेशान करता था। दहेज की मांग को लेकर करीब 20 दिन पहले पति-पत्नी के बीच फोन पर विवाद हो गया। इसके बाद उसने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मकराना के चांडी गांव में रहने वाले रामलाल स्वामी ने एक केस दर्ज कराया है। पुलिस रिपोर्ट में उन्होंने बताया बताया कि उसकी 2 बेटियां थीं। 2018 में उन्होंने अलवर के नारायणपुर निवासी अशोक कुमार के दो बेटों से दोनों की शादी कराई थी। 26 साल की मैना की शादी कमलेश और 21 साल की अंजू की शादी दीपक के साथ हुई थी।
उन्होंने पुलिस को बताया कि दीपक सौर ऊर्जा कंपनी में इंजीनियर और कमलेश एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइजर है। परिजनों का आरोप है कि दीपक अपने माता-पिता के साथ मिलकर दहेज के लिए अंजू को परेशान करता था। कोरोना काल में घर आईं दोनों बेटियों ने अपने पिता को इस बारे में जानकारी दी थी। ससुराल पक्ष के लोगों से बात करने पर उन्होंने दोबारा ऐसा नहीं करने का वादा किया, लेकिन वह उन्होंने कुछ ही दिनों में तोड़ दिया।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि, 14 मार्च को दीपक ने अंजू के साथ मारपीट की। इस दौरान उसके माता-पिता ने कहा कि अगर दहेज में पांच लाख रुपए ओर ब्रेजा कार नहीं लाई तो उसे मारकर दीपक की दूसरी शादी करा देंगे। इसके 10 दिन बाद अंजू अपने भाई के साथ मायके आ गई, तब से वह यहीं रह रही थी। परिजनों ने बताया कि 10 मई की सुबह दीपक ने अंजू को फोन किया। इसके बाद वह कमरे में चली गई। करीब ढाई घंटे बात करने के बाद उसने फांसी लगा ली, इस दौरान उसका कॉल चल राह था।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनकी बड़ी बेटी मैना दीपक के बड़े भाई कमलेश की पत्नी है। इस कारण वह घटना के बाद भी चुप रहे, उन्हें डर था कि अगर पुलिस में शिकायत की तो ससुराल वाले उसे भी परेशान कर सकते हैं। लेकिन, अंजू की मौत के बाद ससुराल वाले उसे भी परेशान करने लगे। इसके बाद परिजनों ने थाने पहुंचकर बेटियों के ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज कराया।