आरपीएससी की ओर से वर्ष 2022 में हुई वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी को परीक्षा दिलाने का एक और मामला सामने आया है। टोंक एएसपी गीता चौधरी ने अजमेर से टोंक के बिलोता निवासी आरोपी रामलाल मीना को गिरफ्तार कर आज कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। अब टोंक पुलिस आरोपी से पूरे मामले में शामिल गिरोह के अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। फिलहाल आरोपी ने पुलिस को मामले में शामिल हनुमान मीना का नाम बताया है, जिसकी जांच-पड़ताल की जा रही है।
आरपीएससी के अनुभाग अधिकारी नमन शर्मा ने 15 मई को देर रात 10.48 बजे अजमेर के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया था कि अभ्यर्थी ने अपनी जगह किसी और से परीक्षा दिलवाई थी। दस्तावेजों की जांच के दौरान फोटो का मिलान नहीं पर फर्जीवाड़ा सामने आया। पुलिस ने मामले में जीरो नम्बर एफआईआर दर्ज की है।
टोंक एएसपी गीता चौधरी ने बताया कि आयोग के अनुभाग अधिकारी नमन शर्मा ने एफआईआर में बताया कि वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत शिक्षा विभाग भर्ती परीक्षा 2022 के लिए अभ्यर्थी रामलाल मीणा, गांव बिलोता, जिला टोंक ने सामाजिक विज्ञान में ऑनलाइन आवेदन किया था, इसके बाद आयोग ने 12 फरवरी 2023 को सामान्य ज्ञान एवं 13 फरवरी को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित हुई। रामलाल मीणा का परीक्षा केंद्र टोंक में सुभाष बाजार स्थित राजकीय दरबार सीनियर सेकंडरी स्कूल था, यहां उसने स्वयं परीक्षा में शामिल न होकर अपने स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति से परीक्षा दिलवाई थी।
फोटो मिलान में पकड़ा गया
आयोग के अनुभाग अधिकारी नमन शर्मा ने एफआईआर में बताया कि रामलाल मीणा परीक्षा में पास भी हो गया था। इसके बाद आयोग ने दस्तावेजों के सत्यापन के लिए 13 से 17 मई को अभ्यर्थी को बुलाया था। रामलाल मीणा जब 15 मई को सत्यापन के लिए आरपीएससी आया तो इस दौरान जांच में सामने आया कि रामलाल मीणा की परीक्षा केंद्र पर अटेडेंट शीट में लगी फोटो एवं आवेदन फार्म पर लगी फोटो अलग-अलग हैं इसके बाद आरपीएससी ने बुधवार शाम को यह मामला दर्ज करवा दिया।
गौरतलब है कि इस मामले में उनियारा क्षेत्र के एक थानेदार चेतन मीणा गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि एसओजी को उनियारा उपखंड के बिलोता गांव के निवासी हनुमान मीणा की भी इस मामले में तलाश है। एसओजी ने हनुमान मीणा पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया हुआ है।
जांच करेगी टोंक पुलिस
सिविल लाइन थाना अजमेर में आरपीएससी की ओर से रामलाल मीणा के खिलाफ परीक्षा में फर्जी अभ्यार्थी बैठाए जाने को लेकर दर्ज प्रकरण की जांच अब टोंक जिला पुलिस करेगी। इस मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अत्याचार गीता चौधरी को सौंपी गई है।