एक शूटर फौजी, दूसरा फौजी का बेटा
सुखदेव हत्याकांड में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये भी है एक शूटर नितिन फौजी है। वह हिरयाणा के महेंद्रगढ़ के दोगड़ा जाट गांव का रहने वाला है। उसके पिता कृष्ण कुमार भी सेना में रह चुके हैं और उसका बड़ा भी सेना में है। नितिन करीब पांच साल पहले सेना में भर्ती हुआ था। एक साल पहले उसकी पोस्टिंग बहरोड़ में हुई थी। 8 नवंबर को वह दो दिन की छुट्टी पर गांव आया था, अगले दिन घर से चला गया। इसके बाद नितिन वापस घर नहीं पहुंचा। सुखदेव को गोली मारने के बाद उसकी तस्वीर सामने आई तो घर वाले भी हैरान रह गए।
वहीं, दूसरे शूटर रोहित के पिता गिरधारी सिंह राठौड़ भी सेना में रह चुके हैं। डेढ़ साल पहले उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। शूटर रोहित पर नाबालिग से दुष्कर्म करने और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज है। तीन साल पहले दुष्कर्म के मामले में रोहित जमानत पर छूटा था। रोहित का परिवार कई साल से जयपुर में झोटवाड़ा के जसवंत नगर में रह रहा है। घर पर सिर्फ उसकी मां थीं, सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने उन्हें कहीं और भेज दिया है। इससे पहले उनसे रोहित के बारे में पूछताछ भी की जा चुकी है।
जानिए सुखदेव हत्याकांड के बारे में
पांच दिसंबर की दोपहर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की बदमाशों ने उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद से राजस्थान में तनाव के हालात हो गए थे। मंगलवार शाम तक प्रदेश के कई शहरों से प्रदर्शन की खबरें सामने आने लगी थीं। मामला इतना बढ़ा थी बुधवार को राजस्थान बंद रहा। कई जिलो में विरोध- प्रदर्शन हुए। देर रात मांगों पर सहमति बनने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए। अगले दिन गुरुवार सुबह जयपुर से सुखदेव की अंतिम यात्रा शुरू हुई और फिर उनके पैतृक गांव पहुंची। शाम पांच के करीब सुखदेव का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए।
हत्यारे पुलिस गिरफ्त से दूर, बढ़ाया गया इनाम
रोहित और नितिन को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। ऐसे में गुरुवार शाम को दोनों शूटरों पर राजस्थान पुलिस ने पांच-पांच लाख का इनाम घोषित कर दिया था। पुलिस दोनों शूटरों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।