सिरोही जिले के पिंडवाड़ा के पिपलियाबेरा में नौ दिन पहले हुई पति-पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए एक आरोपी भूराराम के खिलाफ मृतका ने 2 साल पहले एक केस दर्ज करवाया था। जिसका बदला लेने के लिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने अपने साथी उदाराम को 15 हजार रुपये का लालच और दोस्ती का वास्ता देकर अपने साथ शामिल किया था।
सिरोही पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि 2 जुलाई की रात में पुलिस थाना पिंडवाड़ा क्षेत्र के पिपलीयाबेरा में जिला उदयपुर निवासी कालू पुत्र सामोरा गरासिया और उसकी पत्नी कोनी उर्फ कानकी की अज्ञात आरोपियों ने धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी थी। मामले की मृतका के भाई सोवनाराम पुत्र भुराजी गरासिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने मामले की जांच कर जिला सिरोही निवासी भूराराम पुत्र धन्नाजी गरासिया और उदाराम पुत्र सामीराराम गमेती भील को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में सामने आया कि मृतका कोनी ने 2 साल पहले भूराराम गरासिया के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया था। इससे आरोपी करीब 7 जेल में रहा था। उसका बदला लेने के लिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी भूराराम ने अपने साथी उदाराम को जगह भी दिखाई थी। भूराराम ने पति-पत्नी दोनों की हत्या करने के लिए उदाराम को 15 हजार रुपए का लालच और दोस्ती का वास्ता दिया था।
इसके बाद दोनों आरोपियों ने 2 जुलाई की रात खेत पर सो रहे पति-पत्नी की लाठी से वार कर और धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी।