इस तरह की आधुनिक बिल्डिंग का होगा निर्माण।
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सवाई मान सिंह अस्पातल (एसएमएस) में अब मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए सरकार ने यहां आईपीडी टावर के निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब 456 करोड़ रुपए में इस टावर का निर्माण किया जाएगा। इस आईपीडी टावर में मरीजों के लिए 1200 बेड होंगे। यहां दिल्ली एम्स और पीजीआई चंडीगढ़ की तरह सब्सिडी वाले वार्ड और निजी कमरे होंगे।
अस्पताल में पिछले दो साल में खोले गए विभागों को टावर में शिफ्ट किया जाएगा। टावर का निमार्ण होने के बाद यहां आईपीडी सुविधा, मल्टीपल लैब, स्टेट ऑफ आर्ट लैब एरिया, टीचिंग एरिया, डिपार्टमेंटल स्पेस, मरीज के परिजनों और डॉक्टरों के लिए फूड कोर्ट भी बनाया जाएगा। यहां हेलीपैड, ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रोग्राम के साथ ट्रामा सेंटर की सुविधा भी मरीजों को दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार एसएमएस अस्पातल में रोजाना दस से पंद्रह हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। राजस्थान के अलावा यह राज्य के आसपास के करीब आठ प्रदेशों के मरीज भी यहां अपना इलाज कराने आते हैं। सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ सुधीर भंडारी ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक आईपीडी टावर बनाने का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा था। सरकार की ओर इसे हरी झंडी मिल गई है। सूत्रों का कहना है जल्द ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इसका शिलान्यास भी कर सकते हैं।
इस टावर के निमार्ण के बाद मिलेंगी ये सुविधाएं
- एसएमएस अस्पताल में कोटेज वार्ड की जगह 24 मंजिला आईपीडी टावर बनेगा।
- रामा कंस्ट्रक्शन कंपनी इस टावर का निर्माण 456.80 करोड़ रुपये में करेगी।
- अस्पताल श्रेणी में आईपीडी टावर देश का सबसे ऊंचा होगा।
- यह राजस्थान में अब तक की सबसे ऊंची इमारत होगी।
- छत पर दो मंजिला बेसमेंट और हेलीपैड बनेगा।
- टावर के दो बेसमेंट में वाहन पार्किंग की सुविधा होगी।
- एक थिएटर और प्रतीक्षालय कक्ष भी बनाया जाएगा।
- ग्राउंड फ्लोर पर फूड आउटलेट, रजिस्ट्रेशन काउंटर और फार्मेसी की सुविधा होगी।
- पहली मंजिल पर संगोष्ठी कक्ष, मेडिकल साइंस गैलरी, एडमिन ब्लॉक होगा।
- दूसरी मंजिल पर रेडियोलॉजी सेवा, डायग्नोस्टिक, एमआरआई, सीटी स्कैन।
- तीसरी मंजिल पर छह आईसीयू वार्ड और संबंधित सेवाएं होंगी।
- चौथी मंजिल पर पोस्ट और प्री-ऑपरेटिव वार्ड होंगे।
- न्यूक्लियर मेडिसिन, लैब एरिया और वेटिंग एरिया के लिए प्रावधान।
- सामान्य बिस्तर, डीलक्स कमरा, प्रीमियम कमरे की सुविधा।
- 1200 बेड और 20 ओटीएस बनाए जाएंगे।
- चार कैथ लैब और 100 ओपीडी पंजीकरण काउंटर बनेंगे।
- पुरानी इमरजेंसी के बगल में कार्डियक टावर तैयार होगा।