सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय स्थित जिले का सबसे बड़ा जिला अस्पताल दुर्दशा का शिकार है। विभागीय अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते जिला अस्पताल में पूरी तरह से अव्यवस्थाओं का आलम है। उमस भरी भीषण गर्मी में भी अस्पताल के वार्डों में न तो एसी चल रहे हैं और ना कूलर, इतना ही नहीं पर्ची काउंटर पर कम्यूटर और प्रिंटर भी खराब पड़े हैं, जिससे पर्ची काउंटर पर मरीजों की भारी भीड़ है।
अस्पताल में हर तरफ गंदगी और आवारा जानवरों का डेरा है। अस्पताल के अधिकतर चिकित्सक अपनी सीट से गायब रहते हैं। मशीनरी की कमी के चलते मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग सब कुछ देखकर भी अनजान बना बैठा है।
जिला अस्पताल में बने हेल्प डेक्स पर तैनात चंचल गौतम ने बताया कि कई डॉक्टर अपने केबिन में बैठने की बजाय अस्पताल के बाहर मेडिकल की दुकानों के पीछे बैठकर मरीज देखते हैं। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को कई डॉक्टर अपनी सीट पर नहीं मिलते और मरीजों को इधर से उधर भटकना पड़ रहा है । अस्पताल के ट्राली मैन तो ट्रॉली को हाथ तक नहीं लगाते, मजबूरन मरीजों के परिजनों को ट्रॉली खींचनी पड़ती है।
अस्पताल का हाल ये है कि इस भीषण गर्मी में भी अस्पताल के किसी भी वार्ड में एसी और कूलर काम नहीं कर रहे हैं। वार्डों सहित एक्स रे रूम, लेबर रूम तक के एसी खराब हैं, ऐसे में अस्पताल में भर्ती मरीज और गर्भवती महिलाएं परेशानी झेलने के लिए विवश हैं। मशीनरी के अभाव में चिकित्सक गंभीर मरीजों को अस्पताल में रोकने की बजाय जयपुर या कोटा रैफर कर देते हैं।