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राजस्थान: आरटीयू छात्र की मौत के बाद बवाल, मुख्य वार्डन को हटाने की मांग पर छात्रों का धरना

Thu, 08 Oct 2026 04:55 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में 19 वर्षीय छात्र अक्षित शर्मा की मौत के बाद साथी छात्रों ने मुख्य द्वार पर धरना दिया। छात्रों ने मुख्य वार्डन को हटाने, मुआवजा देने और चिकित्सा व सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) में प्रथम वर्ष के एक छात्र की मौत के बाद साथी छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। जयपुर के झोटवाड़ा निवासी 19 वर्षीय अक्षित शर्मा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शाखा का छात्र था और उसने इसी सत्र में प्रवेश लिया था। छात्र की मौत के बाद आक्रोशित विद्यार्थी मुख्य द्वार पर धरना देकर बैठ गए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ा तनाव
धरने पर बैठे छात्रों ने मुख्य वार्डन डीके यादव को पद से हटाने तथा मृतक छात्र के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग रखी। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर समय पर चिकित्सा सुविधा न उपलब्ध कराने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा। सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मौत के कारण पर उठा सवाल
छात्र की मौत की वजह को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के दावों में विरोधाभास दिख रहा है। वरिष्ठ छात्रों का दावा है कि अक्षित की मौत किसी जहरीले कीड़े या सांप के काटने से हुई है। उन्होंने बताया कि छात्र का हाथ नीला पड़ा हुआ था। वहीं आरटीयू प्रशासन इस मामले को साइलेंट अटैक के लक्षणों से जोड़कर देख रहा है। पुलिस ने शव को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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सुबह नहीं उठा, तो वार्डन को बताया
सहपाठियों के अनुसार अक्षित स्रोत भवन स्थित एच 4 छात्रावास के कमरा संख्या 61 में दो अन्य साथियों के साथ रहता था। वह बुधवार को परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुआ था। रात में खाना खाने के बाद वह अपने कमरा साझेदारों के साथ सो गया। अगले दिन सुबह साढ़े आठ बजे तक जब अक्षित नहीं उठा तो साथियों ने मुख्य वार्डन डीके यादव को सूचना दी।

एक घंटे बाद पहुंचे मुख्य वार्डन
छात्रों का आरोप है कि सूचना देने के एक घंटे बाद मुख्य वार्डन मौके पर पहुंचे। इसके बाद बुलाई गई एम्बुलेंस को जांच के नाम पर आरटीयू के मुख्य द्वार पर करीब आधा घंटा रोके रखा गया। छात्रों ने यह भी बताया कि परिसर का औषधालय दोपहर दो बजे ही बंद हो जाता है और वहां अक्सर चिकित्सक अनुपस्थित रहते हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रत्येक छात्र से सत्र विकास शुल्क के रूप में 5,000 रुपये लेता है, फिर भी परिसर में आए दिन सांप निकलते रहते हैं और कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं।
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