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Rajasthan: ब्राह्मणों के लिए अलग आरक्षण की मांग, BJP सांसद बोले- वक्फ बोर्ड की तरह हिंदू रिलिजियस एक्ट भी बने

Sun, 12 Mar 2023 09:23 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

भाजपा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि हमारी मांग सिर्फ ब्राह्मण पुजारियों के लिए नहीं, पूरे हिंदू समाज के लिए है। अगर, किसी के लिए वक्फ बोर्ड अलग से हो सकता है, तो हिंदू रिलिजियस एक्ट भी बनना चाहिए। सारे देवस्थान हिंदू समाज के कब्जे में रहने चाहिए।
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राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजस्थान में जाट आरक्षण का मामला अभी शांत नहीं हुआ था, उससे पहले पहले ब्राह्मणों के लिए अलग से आरक्षण देन की मांग सामने आई गई है। यह मांग ब्राह्मण समाज के नेताओं और भाजपा के राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने उठाई है।  

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रविवार को दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी में विप्र महाकुंभ का आयोजन किया गया। महाकुंभ में संबोधित करते हुए सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि हम किसी दूसरे समाज के आरक्षण के खिलाफ नहीं है, हमें आरक्षण अलग से चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हमनें सीकर से आरक्षण आंदोलन शुरू किया था, उस समय यहां मंच पर बैठे सभी लोग साथ थे।  

सामाजिक न्याय मंच की ओर से उस समय आरक्षण के लिए बड़ी लड़ाई लड़ी थी। उस दौरान मैं राजपूत, ब्राह्मण और बनियों को ओबीसी में शामिल करने की मांग कर रहा था। हमने फॉर्मूला भी घोषित किया था, हम ओबीसी में नहीं जा सकते, लेकिन हमें आर्थिक आधार पर अलग से आरक्षण चाहिए।
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राजस्थान में सरकार द्वारा किए जा रहे मंदिर अधिग्रहण को लेकर सांसद तिवाड़ी ने कहा कि प्रदेश सरकार को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा मंदिरों के पुजारी सिर्फ ब्राह्मण ही नहीं, गुर्जर और राजपूत सहित अन्य समाज के लोग भी पुजारी हैं।

हमारी मांग सिर्फ ब्राह्मण पुजारियों के लिए नहीं, पूरे हिंदू समाज के लिए है। अगर, किसी के लिए वक्फ बोर्ड अलग से हो सकता है, तो हिंदू रिलिजियस एक्ट भी बनना चाहिए। सारे देवस्थान हिंदू समाज के कब्जे में रहने चाहिए।

सांसद तिवाड़ी ने कहा- सरकार ने समाज के सभी वर्गों को आरक्षण दे रखा है। हमारी जमीन, जजमानी और मंदिर माफी जमीन भी चली गई। इसके बाद भी लोग हम पर आरोप लगाते हैं, वर्ण व्यवस्था की आलोचना करते हैं। अभी भी चार वर्ग बने हुए हैं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग। हम अगड़े हैं, लेकिन आर्थिक रूप से तगड़े नहीं है। इसके लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण जरूरी है। इसी मांग के तहत संविधान संशोधन होने के बाद इकोनॉमिक वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) का 10 प्रतिशत आरक्षण मिला है।

वह भी हमने अकेले नहीं लिया, उसमें राजपूत, वैश्य, कायस्थ और वंचित मुसलमान भी शामिल है। इस आरक्षण के साथ तो वह सभी सुविधाएं जो अन्य समाजों को सरकार द्वारा दी जाती है, वह सभी सुविधाएं आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग को भी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने संविधान संशोधन करके आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिया है। 
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विप्र महाकुंभ में भाजपा सांसद के अलावा कांग्रेस सरकार में मंत्री महेश जोशी और रघु शर्मा भी शामिल हुए। महाकुंभ को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा, इस महाकुंभ में शामिल होने की मुझे खुशी है। देश और समाज के प्रति हमें और अधिक ताकत के साथ जिम्मेदारी निभानी होगी। इससे हम समाज का नाम ऊंचा करेंगे। उन्होंने कहा कि आजकर सच्चाई दबाने और  आक्रोश व्यक्त करने के लिए नारे लगाए जाते हैं। मेरी आप लोगों से अपील है कि नारों पर नियंत्रण रखें।

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