चूरू में 13 साल की दुष्कर्म पीड़िता ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया है। गंभीर हालत में बालिका को राजकीय भरतिया जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां पीड़िता को आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है।
पीड़िता की मां की रिपोर्ट पर महिला थाने में दो नामजद सगे भाइयों के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद चूरू एसपी और कलेक्टर मॉनिटरिंग कर रहे हैं और बालिका के इलाज से संबंधित जानकारी ली।
पीड़िता की मां थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि 13 अप्रैल की रात को वह अपने बच्चों के साथ घर पर सो रही थी, तभी उसे चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। उसने उठकर देखा तो वार्ड का ही एक आरोपी उसकी 13 वर्षीय नाबालिग बालिका को जबरन सीढ़ियों में घसीट कर छत पर ले जा रहा था। नाबालिग की मां ने जब शोर मचाया तो आरोपी ने उसकी मां के साथ भी मारपीट की। शोर शराबा सुनकर आस-पड़ोस के और उसके परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो आरोपित छत से कूद कर भाग गया। इसके बाद सुबह जब पीड़ित बालिका के परिजन आरोपी के घर उलाहना देने गए तो आरोपियों के परिजनों ने पीड़ित परिवार को धमकाकर घर से भगा दिया। जिसके बाद आहत नाबालिग बालिका ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
आरोपी भाइयों ने पीड़िता से किया दुष्कर्म
परिजनों ने जब बालिका से बात की तो बालिका ने बताया कि आरोपी के बड़े भाई ने तीन महीने पहले उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। उसने किसी को बताने पर छोटे भाइयों को मारने की धमकी दी थी। इसके बाद आरोपी ने कई बार उसके साथ जबरन संबंध बनाए। इसी बीच आरोपी के छोटे भाई ने भी धमकी देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
आईसीयू के बाहर महिला कांस्टेबल तैनात
बरहाल, मामले की गंभीरता को देखते हुए आईसीयू वार्ड में महिला कांस्टेबल को तैनात किया गया है। वहीं महिला थाना अधिकारी सुमन शेखावत पीड़िता के बयान लेने अस्पताल पहुंची लेकिन पीड़िता की हालत गंभीर होने के चलते पर्चा बयान की कार्रवाई नहीं हो पाई।