राजस्थान विधानसभा के परिणाम 11 दिसंबर को घोषित हुए। पहले डाक मतपत्रों की गिनती हुई और फिर ईवीएम खोली गई। गिनती की प्रक्रिया की शुरुआत 8 बजे से हुई। राजस्थान विधानसभा के लिए चुनाव 7 दिसंबर को हुए थे। अलवर की रामगढ़ सीट छोड़कर बाकी 199 सीटों पर मतदान हुए थे। रामगढ़ सीट पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह के निधन के कारण चुनाव स्थगित हो गया था इस बार का मतदान प्रतिशत 74 फीसदी से ऊपर रहा था।
इसबार राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को पटखनी देते हुए 99 सीटों का आंकड़ा छू लिया। इसके साथ ही प्रदेश में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन की परंपरा कायम रही। यहां कांग्रेस को बहुमत के लिए 101 सीटें चाहिए थीं। वहीं सूबे में भाजपा को 73 सीटें ही मिल सकीं। कांग्रेस से मुख्यमंत्री पद के दावेदार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत और सांसद रघु शर्मा जीते। वहीं, कांग्रेस से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास, सांसद डॉ. करण सिंह यादव और नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी को हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भाजपा से रूठकर कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनौती दे रहे जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को हराया, लेकिन परंपरा तोड़ते हुए पार्टी को सत्ता में बनाए रखने में कामयाब नहीं हो सकीं। उनकी टीम के सांसद कर्नल सोनाराम, पायलट के सामने उतारे गए एक मात्र मुस्लिम उम्मीदवार मंत्री यूनुस खान, मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, गजेंद्र सिंह खींवसर समेत कई विधायक अपनी कुर्सी नहीं बचा पाए। मतगणना शुरू होने के बाद से ही कांग्रेस के खेमे में खुशी की हिलोरें उठने लगीं और भाजपा खेमे में मायूसी छाने लगी। रुझान आते ही सचिन पायलट और अशोक गहलोत के जयपुर स्थित घरों व प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जमकर ढोल बजे। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा किया। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय और नेताओं के घरों पर जमकर नारेबाजी व आतिशबाजी की।
राजस्थान में सज गया कांग्रेस दफ्तर
Jaipur: Congress state office decorated ahead of counting for #RajasthanElections tomorrow; state Congress general secretary (organization) Mahesh Sharma says, "Vasundhara govt took oath on Dec 13, 2013. We had started a countdown for that govt's departure on Dec 13, 2017" pic.twitter.com/B44kryeZzI
बहुमत के बावजूद कांग्रेस विचारधारा की तरह सोचने वाले भाजपा विरोधी सभी दलों का समर्थन देने के लिए स्वागत करते हैं। हम उनसे संपर्क में भी हैं। कांग्रेस में मुख्यमंत्री का फैसला आलाकमान करता है। जीत के आने वाले विधायक भी सहयोग करते हैं। मुख्यमंत्री के मामले में राहुल गांधी पहले चर्चा करेंगे। उसके बाद ही निर्णय करेंगे।
- सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
मौजूदा माहौल लोकसभा चुनाव के लिए संकेत है। भाजपा के तमाम लोग जिस तरह से देश में शासन कर रहे हैं, उनसे लोग दुखी हैं। कोई बोल नहीं रहा, कोई हिम्मत नहीं कर रहा। अच्छे दिन आए ही नहीं, ना नौकरी मिली और ना काला धन। इन चुनावों में राहुल गांधी ने जनता के मुद्दे उठाए। हम बहुमत के बावजूद गैर भाजपाई दलों का स्वागत करेंगे। सीएम का फैसला आलाकमान को करना है।
- अशोक गहलोत, राष्ट्रीय महामंत्री, कांग्रेस
भाजपा को तार नहीं पाया मोदी-योगी का ताबड़तोड़ प्रचार
राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मतदान से ठीक पहले का ताबड़तोड़ प्रचार भी किनारे नहीं लगा पाया। यहां मोदी ने 13 जिलों में रैलियां कीं और भीड़ भी काफी आई, लेकिन सभी जिलों में पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में भाजपा की सीटें कम हो गईं। भरतपुर और दौसा में तो भाजपा की एक भी सीट नहीं बच पाई। वहीं, योगी आदित्यनाथ ने भी यहां 10 जिलों में दो दर्जन से अधिक रैलियां कीं, लेकिन मात्र एक जगह उदयपुर में भाजपा अपनी सीटों की संख्या पर कायम रही। जैसलमेर और भरतपुर जिलों में एक भी सीट उनके प्रचार से नहीं बच पाई। अकेले अलवर में तीन रैलियां करने के बावजूद यहां भाजपा नौ में से दो पर सिमट गई है। बारां में मात्र एक सीट को ही भाजपा बचा सकी।
रैलियों के बाद भाजपा के लिए ये रहे नतीजे
पीएम नरेंद्र मोदी
जिले 2013 2018
अजमेर 8 5
अलवर 9 2
भीलवाड़ा 6 5
बांसवाड़ा 4 2
कोटा 6 3
नागौर 9 2
भरतपुर 6 0
जोधपुर 9 2
हनुमानगढ़ 4 2
सीकर 5 1
जयपुर 16 7
पाली 6 5
दौसा 3 0
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
चूरू 4 2
जैसलमेर 2 0
अलवर 9 2
भरतपुर 6 0
जयपुर 16 7
पाली 6 5
उदयपुर 6 6
कोटा 6 3
बारां 4 1
अजमेर 8 5
Rajasthan: #Visuals from BJP state office in Jaipur. #AssemblyElections2018 pic.twitter.com/Ii8MIT3Ftk
Ashok Gehlot, Congress: Party President will decide on who will be the Chief Minister #RajasthanElections2018 pic.twitter.com/UDPx7W79v7
खबरों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद के लिए पायलट और गहलोत में जद्दोजहद चल रही है। मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल सचिन पायलट को मनाने जाएंगे।
वसुंधरा राजे ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कांग्रेस को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मैं लोगों द्वारा मिले जनादेश को स्वीकार करती हूं। साथ ही कहा कि भाजपा ने पांच सालों में यहां की जनता के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी उन नीतियों को आगे बढ़ाएगी और आगे काम करेगी।