अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग मुलाराम प्रजापत।
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राजस्थान के पाली में एक बुजुर्ग ने पंचों के फैसले से परेशान होकर जान देने की कोशिश की। पंजों ने उसे समाज से बाहर कर दिया था। समाज में वापस लेने के लिए 25 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। इससे तंग आकर बुजुर्ग ने जहर खा लिया। जोधपुर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार सोजत के गांव बीलावास पंचायत में रहने वाले मुलाराम प्रजापत की बेटी राजश्री की शादी साल 2003 में नीलेश से हुई थी। शादी के कुछ साल बाद वह दो बच्चों की मां बनी। इसी बीच 2009 में नीलेश ने दूसरी शादी कर ली और राजश्री को घर से निकाल दिया।
मामला पंचायत पहुंचा तो पंचों ने फैसला किया कि नीलेश को 12 लाख 50 हजार रुपए राजश्री को देने होंगे। इन रुपए से वह अपना और बच्चों का लालन पोषण करेगी। पंचों ने नीलेश से रुपए लिए और उसके पिता से भी पांच लाख लिए, लेकिन ये रुपए राजश्री को नहीं दिए गए।
राजश्री के पिता ने पंचों से रुपए देने की मांग की तो उन्हें भगा दिया गया। इसके बाद उन्होंने थाने में केस दर्ज कराया तो पंचों ने समाज से बाहर कर दिया गया। पीड़ित बेटी के हक के लिए पंचों के सामने मिन्नतें करता रहा, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। बाद में समाज में वापस लेने की मांग पर पंचों ने पीड़ित बुजुर्ग से 25 लाख रुपए की मांग कर दी। ये मांग पूरी नहीं कर पाने और समाज से बाहर होने से दुखी मुलाराम ने जहर खा लिया। मामला सामने आने के बाद राज्य मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर और एसपी को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की है।