राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में सोमवार को मंत्री अशोक चांदना पर जूते-चप्पल फेंकने और विरोध को लेकर राजनीति नहीं थम रही है। इसे लेकर एक बार फिर चांदना ने बयान दिया। घटना को लेकर उन्होंने कहा, आप लोग उसकी परवाह नहीं करें। यह सारा कीचड़ बाहर का है और इसे बाहर ही रहने दे। इसे अपने अंदर लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। ना किसी की आने की हवा है और ना ही कोई कहीं जा रहा है।
विरोध को लेकर चांदना ने कहा कि जो लोग सचिन पायलट के नारे लगा रहे थे। उनके नाम से हुड़दंग कर रहे थे उन्हीं ने यह काम किया है। आंखें तो बंद किसी की हैं नहीं। सबको पता है कि कौन क्या कर रहा है?
दरअसल, सोमवार को डॉ. किरोड़ी लाल बैसला की अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में गुर्जर समाज ने कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया। इससे प्रदेश में गुर्जर समाज को लेकर एक भयावह माहौल बना है। बताया जा रहा है कि हालात को देखकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया भी कार्यक्रम में जाने के लिए दोहरी मानसिकता में थे। एक बार तो उन्होंने कार्यक्रम रद्द करने का भी मन बना लिया था। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी मंच पर बोलने से मना कर दिया था। हालांकि बाद में दोनों नेताओं ने अपनी बात कही।
कहा जा रहा है कि गुर्जर समाज के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया यह कृत्य पूरे समाज को राजस्थान में सियासी नुकसान पहुचा सकता है। घटना के सभी समाजों में चर्चा शुरू हो गई है। बता दें कि राजस्थान में गुर्जर समाज का 10 से 12 सीटों पर प्रभाव है। अगर, अन्य समाज के लोगों ने गुर्जर समाज और उनके नेताओं का बहिष्कार कर दिया तो मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।