राजस्थान के चुनावी रण में भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ ही अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी धमाकेदार एंट्री कर दी है। मायावती ने शनिवार को दौसा के बांदीकुई में पार्टी के प्रत्याशी भवानी सिंह गुर्जर के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा-कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।
मायावती ने कहा- हमारी पार्टी राजस्थान की ज्यादातर विधानसभा सीटों पर पूरी दमदारी के साथ चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और देश में कई विरोधी पार्टियों की सरकार रही है। लेकिन, देश को आजाद होने के वर्षों बाद भी विरोधी पार्टियों से दलितों, आदिवासियों, मुस्लिमों और पिछड़ा वर्गों का विकास नहीं हुआ है। विरोधी दल दलित समाज के आरक्षण को खत्म करने पर तुले हुए हैं।
मायवती ने कहा, हमें बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के कड़े संघर्षों के बाद कानूनी अधिकार मिले हैं। लेकिन, शुरू से ही सरकारी नौकरियों में मिले आरक्षण की विरोधी पार्टियां इसे प्रभावहीन बनाने और धीरे-धीरे समाप्त करने में लगी हुई हैं। पदोन्नति के आरक्षण को तो विरोधी पार्टियों ने कोर्ट की आड़ में काफी हद तक खत्म कर दिया है।
सरकारी फायदे धन्नासेठ और पूंजीपति उठा रहे है
मायवाती ने कहा- आरक्षण के मामले में यही हालत राजस्थान में देखने को मिल रही है। इसके साथ ही दलित वर्ग के लोगों को आरक्षण दिए जाने की व्यवस्था किए बिना ही केंद्र और राज्य की सरकारों ने ज्यादातर सरकारी कार्य प्राइवेट सेक्टर के जरिए देश के ज्यादातर पूंजीपति और धन्नासेठों को दे दिए हैं।
महिलाओं के आरक्षण पर कांग्रेस पर साधा निशाना
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा- दलित और पिछड़ा वर्गों के प्रति कांग्रेस पार्टी की हीन और जातिवादी मानसिकता साफ झलकती है। इसी कांग्रेस सरकार ने काशीरामजी का देहांत होने पर केंद्र में रहने के दौरान उनके आदर और सम्मान में एक दिन का भी राष्ट्र शोक भी घोषित नहीं किया था। भाजपा पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा- केंद्र सरकार ने हाल ही में देश की महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी। लेकिन, उसमें भी एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को अलग से कुछ भी नहीं दिया गया है।
किसानों को लेकर भाजपा पर साधा निशाना
मायावती ने कहा- देश के किसानों की हालत दयनीय है। भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई गलत नीतियों के कारण देश का किसान आंदोलित रहा है। गलत नीतियों के कारण ही देश में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई बढ़ रही है। हमारी पार्टी शुरू से ही मांग करती आ रही है कि पूंजीपतियों और धन्नासेठों का विकास करने के बजाय, यहां आम लोगों का ही विकास होना चाहिए।