भीलवाड़ा में देह व्यापार में धकेली गई बेटी के परिजन शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश हुए। पीड़ित परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से देह व्यापार करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ये भयानक और दर्द भरी आपबीती भीलवाड़ा से 80 किमी दूर काछोला की रहने वाली 17 साल की सुंदरी (बदला हुआ नाम) की है। सुंदरी अपने परिजनों और समाज के कुछ लोगों के साथ एसपी आदर्श सिद्धू के सामने पेश हुई थी।
बता दें कि सुंदरी ने सुई गांव के रहने वाले महेंद्र पुत्र सीताराम कंजर, कमल पुत्र बन्ना कंजर, कालू कंजर, बाकरा निवासी बटनिया पुत्र माना नट, टोंक जयसिंहपुरा निवासी सुधेश पुत्र गोपाल नट, सम्मा पत्नी गोपाल नट और प्रियंका पुत्री गोपाल नट के खिलाफ शिकायत दी है। देह व्यापार में धकेलने वाले दलालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मैं बाहर निकलना चाहती हूं
सुंदरी ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया कि जब वो छह साल की थी तब उसके मां-बाप ने शादी करवा दी। दो साल बाद ससुराल भेजने की तैयारी कर दी। मैं रोई और ससुराल जाने से मना कर दिया। इसके बाद समाज की पंचायत बैठी और हम पर 9 लाख का जुर्माना लगा दिया। उसे चुकाने के लिए मेरे बाप ने मुझे 12 साल की उम्र में दलालों को बेच दिया। दलालों ने पहली बार मुझे 12 साल की उम्र में ही एक लाख रुपये लेकर एक ग्राहक को सौंप दिया। दर्द में रातभर चिल्लाती रही, लेकिन मेरी सुनने वाला कोई नहीं था। इसके बाद ऐसी हैवानियत मेरे साथ हमेशा होने लगी। 15 साल की उम्र में मां बन गई। अभी मेरी उम्र 17 साल है और दलाल मुझे आगे बेचना चाहते हैं। मैं इससे बाहर निकलना चाहती हूं।
आरोपियों से पिता ने लिया था कर्ज
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों से उसके पिता ने नौ लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज लिया था। कर्ज नहीं उतार पाने पर आरोपियों ने पिता से एक स्टांप पेपर पर साइन करवाया, जिसमें मुझे बेचे जाने की बात लिखी थी। आरोपी जबरन मुझे घर से ले गए, तब उम्र 12 साल की थी। एक लाख रुपये लेकर किसी को बेच दिया गया। फिर ज्यादती की गई। जब गर्भवती हो गई, तब दलालों ने कहा कि लड़की हुई तो वह उसे पांच लाख रुपये में आगे बेचेंगे, लेकिन मेरे लड़का हो गया। दलालों ने मुझे बुरी तरह पीटा और फिर से देह व्यापार में लगा दिया। चार महीने पहले जैसे-तैसे भागकर अपने पिता के घर आई। अब दलाल मुझे फिर से ले जाने के लिए मेरे परिवार को परेशान कर रहे हैं।
गरीब परिवार को उधार रुपये देकर फंसाता है गिरोह
अखिल राजस्थान कंजर समाज के प्रदेश अध्यक्ष ग्यारसी लाल गोगावत ने बताया कि भीलवाड़ा जिले से पहले भी बेटियों के बेचने के मामले आए हैं। प्रदेश और केंद्र, दोनों सरकारों से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ। पुलिस का भी सकारात्मक सहयोग नहीं रहा। समाज के पंचों का गिरोह बना हुआ है। वह लड़कियों को खरीदने और बेचने का काम करते हैं। ये गिरोह गरीब परिवार को उधार रुपये देकर फंसाते हैं। ज्यादा पैसा उधार होने के बाद स्टांप पर लिखवाकर बेटियों को खरीद लेते हैं। इन बेटियों को टोंक, सवाई माधोपुर सहित कई जिलों और अन्य प्रदेशों में देह व्यापार के लिए भेज दिया जाता है।
पहले भी सामने आ चुके मामले
भीलवाड़ा में पहले भी स्टांप पर बेटियों को बेचने के मामले सामने आए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी स्टांप पर बेची जा रहीं बेटियों पर संज्ञान लेते हुए एक्शन लिया था।