कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते लोग।
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करौली में जिला मुख्यालय में कलेक्ट्रेट में पीयूसीएल कार्यकर्ता और अन्य संगठनों के द्वारा मणिपुर हिंसा के विरोध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मणिपुर में शांति बहाली और मुख्यमंत्री वीरेन सिंह से इस्तीफे की मांग की है। इस दौरान पीयूसीएल कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।
जिला कलेक्ट्रेट परिसर में पीयूसीएल कार्यकर्ता, स्किल डेवलपमेंट नया सवेरा, गांधी दर्शन सहित अन्य संगठनों द्वारा मणिपुर में 80 दिन से चल रही राज्य हिंसा को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया है कि मणिपुर में पिछले 80 दिन से चल रही राज्य हिंसा को लेकर केंद्र सरकार तुरंत हस्तक्षेप करें और कानूनी राज बहाल किया जाए।
सांप्रदायिक भीड़ द्वारा स्थानीय कुकी आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर अत्याचार, हिंसा और सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाओं में तत्काल गिरफ्तारियां हों और पीड़िता को न्याय मिले। साथ ही मुख्यमंत्री वीरेन सिंह तुरंत इस्तीफा दें। साथ ही प्रगतिशील महिला फेडरेशन के दल पर झूठे केस दर्ज करने का आरोप लगाते हुए हुए केस वापस लेने की मांग की। इस दौरान अन्य कई घटनाओं पर भी विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।
पिछले 80 दिनों से मणिपुर में चल रहे घटनाक्रम पर दुख जताते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। इस दौरान मणिपुर को लेकर प्रधानमंत्री चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए वक्तव्य देने की मांग की। महिलाओं हो रहे अत्याचार और इस तरह की घटनाओं पर लगाम कसने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मणिपुर मामले में पीड़ितों को न्याय देने और दोषियों को तुरंत फांसी की सजा देने की मांग की। इस दौरान सुमन बैरवा, पूजा सेन, शीतल, मनीषा माली, शारदा मीणा, प्रेम सिंह माली, अशोक चतुर्वेदी, अंजू ताराबाद, अंजू बैरवा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।