राजस्थान के उदयपुर जिले के सेलू गांव में 65 साल की वृद्घा को डायन बताकर बर्बरता से पीटा गया।
वृद्घा के ही परिवार के सदस्यों ने उसके मुंह पर थूका और मुंह में जूता ठूंसने की कोशिश की। वृद्घा के पति की लाख मिन्नतों के बाद ही उसे बख्शा गया।
पीड़िता ने जान बचाकर अपने पति के साथ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। एसपी ने एसएचओ को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
खा गई बेटा और जानवर
सेलू गांव निवासी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके जेठ के परिवार ने बेटे की मौत के लिए उसे पंचायत में अपमानित किया और बाद में पीटा।
महिला के अनुसार उसके जेठ ओंकार के बेटे मांगीलाल की बीमारी से तीन अप्रैल को मौत के बाद परिवार वाले बेटे और जानवरों की मौत के लिए उसे दोषी ठहराने लगे।
ऐसे में चार दिन पहले ओंकार, उसकी पत्नी, बेटी और कुछ अन्य लोगों ने उससे मारपीट की। जूता उसके मुंह में डालने की कोशिश की। उसे तरह-तरह से यातनाएं दी गईं।
वृद्धा ने बताया कि जेठ के बेटे की मौत के बाद 4 अप्रैल को समाज की बैठक चल रही थी। इस दौरान जेठ के बेटे रमेश ने उस पर आरोप लगाया कि यह मेरे भाई और जानवरों को खा गई।
यह कहकर महिला को अपमानित कर वहां से भगा दिया गया। तब से इस दंपती का घर से निकलना पाना भी दुश्वार हो गया।