ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में एक महिने से इबादत कर रही दो महिलाओं ने देग में छलांग लगा दी। देग में उबलते पानी से दोनों करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गई हैं।
दोनों घायल महिलओं को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना गुरुवार शाम सात बजे की है।
जानकारी के अनुसार केरल की कैनूर पारा निवासी सुलफता बानो और उसकी बेटी सरीना एक माह से दरगाह में अकबरी मस्जिद में इबादत के लिय ठहरी हुई थीं। उन्होंने मुराद पूरी होने पर देग में छलांग लगाने की मन्नत मांग रखी थी।
कल शाम दरगाह में छोटी देग पकाने के लिये पानी उबाला जा रहा था। इस दौरान पहले बेटी और उसके पीछे मां दौड़ती आई और देग में कूद गईं। तब देग पका रहे कर्मचारी और जायरीन ने मां और बेटी को बाहर निकाला और दरगाह कमेटी की एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। लोगों द्वरा बताये गये महिलाओं के केरल के पते पर पुलिस संपर्क करने का प्रयास कर रही है।