फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kekri News: केकड़ी विधायक का बड़ा बयान, बोले- पूर्ववर्ती सरकार ने बिना तैयारी और मापदंडों के बना दिए नए जिले

Sat, 05 Oct 2024 09:45 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी

सार

पूर्ववर्ती सरकार ने पांच साल तक कोई काम नहीं किया तथा चुनाव आने से ठीक पहले बिना सोचे समझे एक साथ इतने जिले बना दिए। इसके लिए किसी तरह की तैयारी नहीं की गई, मापदण्डों का ध्यान नहीं रखा गया।
विज्ञापन
केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान में नए बनाये गए जिलों में से केकड़ी सहित कुछ जिलों को हटाए जाने की अटकलों के बीच केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच साल तक कोई काम नहीं किया तथा चुनाव आने से ठीक पहले बिना सोचे समझे एक साथ इतने जिले बना दिए। इसके लिए किसी तरह की तैयारी नहीं की गई और न ही मापदण्डों का ध्यान रखा गया।

विज्ञापन


केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच साल तक कोई काम नहीं किया तथा चुनाव आने से ठीक पहले बिना सोचे समझे एक साथ इतने जिले बना दिए। इसके लिए किसी तरह की तैयारी नहीं की गई, मापदण्डों का ध्यान नहीं रखा गया। राजनीतिक हितों को साधने के लिए जल्दबाजी में जिले बनाने का फैसला लिया गया, जो उन्हीं की सरकार पर उल्टा पड़ गया। जिन विधानसभा क्षेत्रों को जिला बनाया गया, वहां एक भी सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को जीत हासिल नहीं हुई। ऐसे में यह स्पष्ट है कि सरकार के फैसले में कहीं न कहीं कोई कमी है। उन्होंने ये बात यहां बार एसोसिएशन द्वारा चल रहे धरने में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कही।

10 दिन से चल रहा धरना स्थगित
केकड़ी जिला यथावत रखने की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर यहां कचहरी परिसर में पिछले 10 दिन से चल रहा धरना शनिवार को विधायक शत्रुघ्न गौतम के साथ चर्चा के बाद स्थगित कर दिया गया। धरने को संबोधित करते हुए विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि राजस्थान में बने नए 17 जिलों में से एक भी जिला यथावत रहेगा तो केकड़ी जिला भी यथावत रहेगा। वहीं, 17 बने नए जिलों में से एक भी जिले की सीमा का विस्तार हुआ। तो सबसे पहले केकड़ी जिले की सीमा का विस्तार होकर जिला यथावत रहेगा।
विज्ञापन


जनभावना के अनुसार होगा निर्णय
धरने को संबोधित करते हुए गौतम ने कहा कि केकड़ी जिले के मामले में जनभावना का आदर किया जाएगा। सरकार यहां की जनता का सम्मान बरकरार रखेगी। जनभावना के अनुसार निर्णय नहीं होने पर वे केकड़ी की जनता के साथ खड़े है। वे जनता के प्रतिनिधि है ऐसे में जनता के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने पहले भी जिले को लेकर कभी कोई बयान नहीं दिया है, अभी भी वे इसे हटाने के पक्ष में नहीं है। यह बात जरूर है कि जिलो का गठन सही ढंग से किया जाता तो आज इस तरह की बात नहीं होती।

पूर्व विधायक पर कसा तंज
गौतम ने कहा कि नए जिलों के लिए सिर्फ पचास-पचास लाख रुपये घोषित किए गए, जबकि नए बने जिलों के लिए कम से कम सौ-सौ करोड़ रुपये की घोषणा की जानी चाहिए थी। पूर्व विधायक डॉ. रघु शर्मा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि केकड़ी क्षेत्र का हित प्रभावित होने पर वे खुद पच्चीस हजार लोगों को साथ लेकर नंगे पैर जयपुर कूच करने के लिए तैयार है। जनभावना का आदर करते हुए पूर्व विधायक शर्मा को भी उनके साथ पैदल जयपुर चलना होगा।

सोमवार को सुचारु होंगे न्यायिक कार्य
गौतम ने कहा कि अभी जिला समाप्त होने की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में धरना प्रदर्शन करने का कोई औचित्य नहीं है। अधिवक्तागण के न्यायिक बहिष्कार के कारण कोर्ट में आने वाले पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपसी चर्चा के बाद जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामअवतार मीणा ने धरना प्रदर्शन स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोमवार को सभी वकील विधिवत रूप से काम पर लौट जाएंगे। धरने को बार के पूर्व अध्यक्ष मदनगोपाल चौधरी ने भी संबोधित किया।

ये थे मौजूद
इस मौके पर मोहम्मद सईद नकवी, चेतन धाबाई, अर्जुन सिंह शक्तावत, पवन सिंह भाटी, सीताराम कुमावत, भूपेन्द्र सिंह, कैदार चौधरी, कालूराम गुर्जर, निरंजन चौधरी, शैलेन्द्र सिंह राठौड़, नवलकिशोर पारीक, दशरथ सिंह कांदलोत, धनश्याम वैष्णव, लेंसी झंवर, जितेन्द्र राजपुरोहित, हरिराम चौधरी, अशोक पालीवाल, सीताराम गुप्ता, रामप्रसाद कुमावत, सानिया सेन, भारती पोपटानी, प्रणपाल सिंह पंवार, पवन प्रजापति, शैलेन्द्र देवड़ा सहित कई अधिवक्ता, मुंशी व स्टाम्प वेंडर उपस्थित थे। संचालन अधिवक्ता आशुतोष शर्मा ने किया।

भाजपा नेता के बयान के बाद फैला था असंतोष
गौरतलब है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा केकड़ी और सांचौर सहित छोटे जिलों को हटाने के बयान के बाद लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। इसी के साथ केकड़ी एसपी के स्थानांतरण और चार्ज अजमेर एसपी को सौंपने की घटनाओं ने इस असंतोष को और बढ़ा दिया। वहीं पुलिस मुख्यालय द्वारा शाहपुरा व गंगापुर सिटी में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए आवंटित वाहनों को वापस बुलाने से भी जिले को हटाने की संभावना को बल मिल रहा था।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें