केकड़ी के बोहरा कॉलोनी में पाण्डुकशिला स्थित ऋषभदेव जैन मंदिर में रविवार को जैनत्व उपनयन संस्कार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुनि अनुपमसागरजी महाराज एवं मुनि यतीन्द्र सागरजी महाराज के सानिध्य में करीब 250 बालक-बालिकाओं का उपनयन संस्कार किया गया। ऋषभदेव जिनालय समिति के अध्यक्ष नवीन चौधरी ने बताया कि इन बच्चों को मुनिसंघ द्वारा शास्त्रोक्त क्रियाओं से संस्कारित किया गया तथा उन्हें सप्त व्यसनों का त्याग, गुटखा-तम्बाकू आदि नशीले पदार्थों का त्याग, प्रतिदिन देव दर्शन, प्रतिदिन अभिषेक पूजन, माता-पिता व त्यागी वृत्तियों की जीवन पर्यन्त सेवा आदि नियम व संकल्प दिलाए गए।
इस अवसर पर दिगम्बर जैन संत मुनि अनुपमसागरजी महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन करते हुए कहा कि देह मात्र हाड़ मांस का पिंजरा है, इसमें गंदगी के अलावा कुछ भी नहीं है। फिर भी इंसान को देह के प्रति इतना अनुराग है कि इसको सजाने संवारने में लगा रहता है। यह देह मृत्यु के बाद मिट्टी में मिला दी जाती है और सभी परिवारजन व रिश्तेदार, कुछ समय के लिए संताप करके फिर उसे भूल जाते हैं। सब रोज देखते हैं, यह कड़वा सच जानते है, फिर भी समझने की कोशिश तक नहीं कर रहे हैं कि मैं कौन हूं, कहां से आया हूं और मुझे कहां जाना है। जिस दिन यह समझ लिया, सब कुछ समझ में आ जाएगा।
शिविर के प्रारम्भ में अमरचन्द, अशोककुमार और अनिलकुमार कुहाड़ा वालों ने झंडारोहण किया। धर्मचन्द, चेतनकुमार टोंक वालों ने शिविर का मंगल कलश स्थापित किया। हगामीलाल, हेमराज टोंग्या ने दीप प्रज्ज्वलन तथा राजेशकुमार, कमलेशकुमार, रमेशकुमार मनोहरपुरा वालों ने मुनिसंघ के पाद प्रक्षालन तथा कैलाशचन्द, इन्द्रमल, कमलकुमार, विकास व राहुल छाबड़िया वालों ने शास्त्र भेंट किये। तत्पश्चात जैनत्व उपनयन संस्कार में शामिल सभी 250 बालक-बालिकाओं के द्वारा जिनेन्द्र भगवान की पूजन की गई। सुबह जिनाभिषेक व शांतिधारा की धार्मिक क्रियाएं की गई, जिसमें प्रथम शांतिधारा के पुण्यार्जक पदमचंद, महावीरप्रसाद, ओमप्रकाश व विनोद मित्तल देवगांव वाले तथा द्वितीय शांतिधारा के पुण्यार्जक महावीरप्रसाद, रमेशचन्द, टीकमचन्द व मोनूकुमार मित्तल रामथला वाले रहे। शिविर में विनय कटारिया, अजित गदिया, सतीश सोनी व पदम कासलीवाल ने सहयोग किया।
दीक्षार्थी की गोद भराई सोमवार को
समाज के दिलीप जैन ने बताया की मुनि अपूर्वसागरजी महाराज के संघस्थ ब्रह्मचारी प्रेमकुमार जैन मोडिका की जैनेश्वरी दीक्षा होने से पूर्व सोमवार को सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा उनकी बिन्दौरी व गोद भराई के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।