करौली शहर से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मांची गांव इन दिनों सांप के आतंक में हैं। यह गांव सांप के खौफ के साए में जी रहा है, इस गांव में सांप ने एक ही परिवार के पांच लोगों को सांप ने निशाना बनाया है। हाल ही में हुई घटनाओं में एक पिता और उनके तीन साल के बेटे की सांप के डसने से मौत हो चुकी है, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल है।
गांव में डरावनी बात सामने आई है कि सांप बार-बार एक ही परिवार के लोगों को डस रहा है। तीन दिन पहले रात में, एक पिता और उनके छोटे बेटे को सोते समय सांप ने एकसाथ काट लिया, जिससे दोनों की जान चली गई। इस घटना के ठीक दो दिन बाद, उसी परिवार के तीन अन्य सदस्यों और उनके पड़ोस में रहने वाली एक महिला को भी सांप ने डस लिया। हालांकि समय पर अस्पताल पहुंच जाने से इन चार लोगों की जान बच गई और वे अब खतरे से बाहर हैं।
दूसरी घटना के बाद गांव के लोग एक सांप को खोजकर मार चुके हैं, लेकिन इससे लोगों का डर कम नहीं हुआ है। अब तक जिन लोगों को सांप ने डसा है, उनमें कॉमन करैत सांप के जहर की पुष्टि हुई है।गांव के निवासी अभिषेक सिंह कहना है कि जब से इस गांव के एक परिवार के पिता-पुत्र की मौत हुई है, तब से गांव के लोग रात में सोने से भी डरने लगे हैं। उन्होंने बताया कि सांप की इस डरावनी घटनाओं के बाद लोग मामूली सी आवाज या मच्छर के काटने तक से भी डरने लगे हैं।
सांप की प्रकृति और उसकी खतरनाक आदतें
सांप के हमले की घटनाओं पर बात करते हुए, नगेंद्र सिंह, जो इस परिवार के सदस्य हैं और खुद भी सांप के हमले से बचे हैं, ने बताया कि उनके भाई और भतीजे की मौत सांप के काटने से हो चुकी है। यह घटना तब हुई जब वे रात में सो रहे थे और समय पर इलाज न मिलने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। इसके बाद सांप ने नगेंद्र और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी काटा, लेकिन उन्हें समय पर इलाज मिलने के कारण वे सुरक्षित हैं।
कॉमन करैत, एक साइलेंट किलर
सांप विशेषज्ञ और स्नेक कैचर रवि मीणा ने पुष्टि की है कि गांव में अभी तक सभी हमले कॉमन करैत सांप के द्वारा किए गए हैं। इस प्रजाति को साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है। यह सांप आमतौर पर रात के समय सक्रिय होता है और भोजन की तलाश में निकलता है। इसके छोटे दांत होते हैं, जिससे काटने पर व्यक्ति को तुरंत इसका अहसास भी नहीं होता।
जिस परिवार में सांप के काटने से पिता पुत्र की मौत हुई के सदस्यों जिले के अस्पताल प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि अगर उनके परिवार के बेटी और उसकी बेटी को समय पर इलाज मिल पाता तों शायद उनकी जान बच सकती थी। साथी जिस परिवार पर सब बार-बार हमले कर रहा है उसे परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर है। इसलिए लोग भी अब उनके आर्थिक मदद के लिए जुट गए हैं। मांची गांव के सरपंच ने भी इस परिवार के लिए आर्थिक मदद के तौर पर ₹50000 दिए हैं। साथ ही परिवार की विधवा महिला को हर संभव मदद का आश्वासन दिलाया हैं।