भारत और फ्रांस के बीच युद्धाभ्यास डेसर्ट नाइट-21 चल रहा है। इसी बीच भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत गुरुवार को फ्रांस के लड़ाकू विमान राफेल को उड़ाएंगे। भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने कहा, 'सीडीएस को युद्धाभ्यास के बारे में जानकारी दी जाएगी और बताया जाएगा कि कैसे दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास किस तरह से अंतर-क्षमता को बढ़ा रहा है।'
परिचालन ब्रीफिंग के अलावा सीडीएस लगभग एक घंटे तक फ्रांसीसी वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरेंगे। इस दौरान वे भारतीय और फ्रांसीसी वायुसेना के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान के आविष्कारों से परिचित होंगे। भारतीय वायुसेना ने पहली बार युद्धाभ्यास में राफेल लड़ाकू विमान को शामिल किया है।
भारत और फ्रांस के वायुसेना के जवानों का युद्धाभ्यास बुधवार से जोधपुर में शुरू हो गया है। युद्धाभ्यास के पहले चरण में चार फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान अपने ए-320 मल्टीरोल टैंकर परिवहन विमान का उपयोग करके जिबूती एयरबेस से लगभग चार घंटे की सीधे उड़ान भरने के बाद जोधपुर पहुंचे। उनका परिवहन विमान भी यहां उतरा है।
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भारत और फ्रांस के बीच जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर युद्धाभ्यास डेसर्ट नाइट-21 20 जनवरी से 24 जनवरी तक चलेगा। इसमें फ्रांस राफेल, एयरबस ए-330 मल्टी-रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (एमआरटीटी), ए-400एम टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और लगभग 175 जवानों के साथ भाग ले रहा है।
वहीं युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना मिराज 2000, सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, आईएल-78 फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (एडब्ल्यूएसीएस) और एईडब्ल्यू और सी विमान शामिल हैं। यह युद्धाभ्यास दो वायुसेनाओं के बीच जुड़ाव की श्रृंखला में महत्वपूर्ण कदम है।
भारत-फ्रांसीसी रक्षा सहयोग के हिस्से के रूप में, भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष सेना 'गरुड़' नामक वायु अभ्यास के छह संस्करण में हिस्सा ले चुके हैं। मौजूदा सहयोग को और आगे बढ़ाने के उपायों के रूप में, दोनों बलों ने 'हॉप-एक्सरसाइज' के संचालन के लिए उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाया है।