धरने पर पति के साथ बैठी दुल्हन।
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राजस्थान के जोधपुर में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक दुल्हन अपने पति के साथ धरने पर बैठी हुई है। इसके लिए दोनों ने अपना हनीमूम में कैंसिल कर दिया। उनका कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक हम अपना धरना खत्म नहीं करेंगे।
ये मामला जोधपुर के फलौदी का है। करीब 23 दिन पहले सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति को फलौदी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसे प्राथमिकी उपचार के बाद जोधपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। लोगों का कहना था कि अगर घायल व्यक्ति को समय पर बेहतर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच जाती।
दरअसल, फलौदी अस्पताल में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी है। जिसके चलते सड़क हादसे में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया जाता है। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण घायलों को बचाना मुश्किल होता जाता है। ऐसे में अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति सहित अन्य मांगों को लेकर ललित रंगा उर्फ ललित हिंदू फलोदी 18 जनवरी से धरने पर बैठ गए। ललित के साथ उसके कई साथी और फलौदी के लोग भी धरने पर बैठे हुए हैं।
इधर, 27 जनवरी को ललित की शादी होनी थी। ऐसे में ललित शादी के कार्यक्रमों में शामिल हुए, लेकिन उनके दोस्तों और ग्रामीणों ने धरना जारी रखा। शादी के बाद ललित फिर धरने में शामिल हो गए। उनका शादी देने के लिए नई नवेली दुल्हन देवित्रा रंगा भी जयनारायण व्यास सर्कल के पास धरने पर बैठी हुई है।
ये धरना प्रदर्शन बीते 23 दिन से लगातार चल रहा है। शादी के बाद धरने पर बैठी ललित हिंदू की पत्नी देवित्रा रंगा (32) का कहना है कि अब फलौदी उनका परिवार है। यहां की समस्याएं मेरी भी समस्याएं हैं। जब तक हामारी मांगें पूरी नहीं हो जाती हम अपना धरना खत्म नहीं करेंगे।