राजस्थान के झुंझुनूं जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशों के तहत बीसीएमओ उदयपुरवाटी की टीम द्वारा अनाधिकृत रूप से चल रही 15 लैब्स और दो झोलाझाप डाक्टरों पर कार्रवाई हुई है। साथ ही लैब्स और अस्पतालों पर नोटिस चस्पा किया गया है।
बीसीएमओ डॉ. मुकेश भूपेश ने बताया कि खंड के अधीन संचालित 15 लैबों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में संलाचित की जा रही लैब का रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया। अधिकत्तर लैबों का बायोमेडिकल वेस्ट रजिस्ट्रेशन व पॉल्यूसन बोर्ड का प्रमाण पत्र नहीं पाया गया।
वहीं, चिकित्सकों द्वारा लिखी हुए पर्ची भी किसी भी लैब पर नहीं मिली। अधिकतर लैब संचालकों द्वारा मरीजों के रजिस्ट्रेशन के रजिस्ट्रर का संधारण नहीं पाया गया। निरीक्षण में मिली अनिमितताओं के संबंध में सीएमएचओ को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है।
गौरतलब है कि पूर्व में निरीक्षण किया गया था, जिसमें सात दिन का समय दिया था। लेकिन आज तक किसी भी लैब संचालक, नवजीवन हॉस्पिटल और संजीवनी हॉस्पिटल के द्वारा कोई जवाब पेश नहीं किया गया। अंतिम तीन दिवस का समय देकर जवाब मय दस्तावेज मांगे हैं। उपलब्ध नहीं करवाने पर सीज की कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में बीसीएमओ उदयपुरवाटी डॉ. मुकेश भूपेश, ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर आशा सैनी, तकनीकी सहायक विनोद कुमावत और सहायक प्रोग्रामर कैलाश सैनी शामिल रहे।