राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अजमेर
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कोरोना के बाद निमोनिया रोगियों की चीन में बढ़ती संख्या को लेकर हरकत में आया स्वास्थ्य महकमा
प्रदेश में कोरोना वायरस के बाद अब चीन में फैली निमोनिया बीमारी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते प्रदेश के सभी चिकित्सालय में बुधवार को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अजमेर में पुष्कर के गवर्नमेंट हॉस्पिटल में आयोजित हुई मॉक ड्रिल में जिले के उप मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रामस्वरूप किराडिया भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्हें पुष्कर चिकित्सालय के स्वास्थ्य सतर्कता को जांचा।
ऑक्सीजन प्लांट और उपलब्ध उपकरणों की जांच
पुष्कर के गवर्नमेंट हॉस्पिटल में मॉक ड्रिल आयोजित करवाने आए जिले के उप मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रामस्वरूप किराडिया ने बताया कि स्वास्थ्य महकमे द्वारा प्रदेश स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बताया गया कि चीन में निमोनिया के मामले बड़े स्तर पर सामने आ रहे हैं। इसको लेकर प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा सतर्क है। कोरोना काल के दौरान की गई तैयारियों का पुनः निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को जांचा जा रहा है, जिससे की हालत गंभीर होने पर बिना अतिरिक्त समय गंवाए रोगियों को आसानी से इलाज मिल सके।
इसी के चलते बुधवार को पुष्कर के राजकीय चिकित्सालय में मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें ऑक्सीजन प्लांट, उपकरणों और बेड, जांच, दवा, एम्बुलेंस, मानव संसाधन एवं आवश्यक उपकरणों आदि की निगरानी की गई है। साथ ही बीमारी से बचाव के संबंध में जारी परामर्श तथा चिकित्सा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करवाई जा रही है।
50 बेड की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट
पुष्कर गवर्नमेंट हॉस्पिटल प्रभारी डॉक्टर अभिजीत सोनी ने बताया कि फिलहाल पुष्कर चिकित्सालय में कार्य कर रहे 50 बेड के ऑक्सीजन प्लांट की क्षमताओं को जांचा गया है। फिलहाल, पुष्कर चिकित्सालय के पास 34 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, 45 डी टाइप सिलेंडर, 72 बी सिलेंडर उपलब्ध हैं। साथी ही रोगियों को लगातार बीमारी से बचाव के लिए परामर्श दिया जा रहा है।
पुष्कर में रोजाना 100 से अधिक मौसमी बीमारी के मरीज आ रहे सामने
पुष्कर के राजकीय चिकित्सालय में 100 से अधिक मौसमी बीमारी के मरीज सामने आ रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या बच्चों भी हैं। पुष्कर राजकीय चिकित्सालय में कार्यरत डॉक्टर सुधीर माहेश्वरी ने बताया कि मौसम में जब-जब परिवर्तन आता है तो मौसमी बीमारियों के मरीजों की तादाद बढ़ जाती है। इस दौरान बच्चों का खास ख्याल रखना जरूरी है। अनावश्यक रूप से बच्चों को भीड़ भाड़ वाले इलाकों में नहीं ले जाना चाहिए। यदि बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो या सर्दी जुकाम बढ़ जाए तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
इस रोग के लक्षणों में खासी, गले में दर्द या खरास, बुखार, फेफड़े में सूजन, सांस नली में सूजन होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल, पुष्कर चिकित्सालय में निमोनिया के गंभीर रोगियों का मामला सामने नहीं आया है। डॉ माहेश्वरी ने बताया कि इस नए रोग से घबराने की आवश्यकता नहीं है। समय पर उचित चिकित्सीय सलाह लेकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।