इन दिनों राजस्थान की सियासत में जिस प्रकार की शांति का माहौल है, उसे तूफान से पहले की शांति माना जा रहा है। दरअसल डॉ. किरोड़ी मीणा ने जिस तरह सरकार और संगठन से अपनी दूरी बनाई है, उसे देखते हुए लगता है कि वे जल्दी ही कुछ बड़ा करने वाले हैं। अपने इस्तीफे के सवाल पर चुप्पी तोड़ते हुए डॉ. मीणा ने कहा कि जो कह दिया, वह तो करना ही पड़ेगा।
दौसा में चुनाव हारने के बाद अपने इस्तीफे के सवाल पर डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जो कहा है, वह तो करना ही पड़ेगा। डॉ. मीणा के भतीजे महवा विधायक राजेंद्र प्रधान ने भी इस मामले में कहा कि एक-दो दिन में किरोड़ीलाल मीणा उचित निर्णय लेकर जनता के बीच संदेश देंगे।
विज्ञापन
राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री ने सरकार और संगठन से अपनी दूरी बना रखी है। वे कुछ बड़ा करने वाले हैं, इसके संकेत अब मिलने लगे हैं। अपने इस्तीफे के सवाल पर किरोड़ी मीणा ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जो कह दिया, वह करना पड़ेगा। इधर महवा से बीजेपी विधायक और किरोड़ीलाल मीणा के भतीजे राजेंद्र प्रधान ने भी बयान दिया है कि किरोड़ीलाल मीणा एक-दो दिन में उचित निर्णय लेकर जनता के बीच एक बड़ा संदेश देंगे।
फिलहाल दौसा और अपने जिम्मे आई अन्य सीटों से भाजपा के चुनाव हारने के बाद से किरोड़ीलाल मीणा न तो सरकारी काम कर रहे हैं और न ही वे लोकसभा चुनावों की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। हालांकि लोकसभा चुनावों में हार पर पार्टी में मंथन के सवाल पर उन्होंने कहा कि हार-जीत का क्या करना है, पता तो चलना चाहिए।
विज्ञापन
गौरतलब है कि कांग्रेस भी किरोड़ीलाल मीणा के इस्तीफे को लेकर लगातार सवाल पूछ रही है कि वे कब इस्तीफा दे रहे हैं। हालांकि आज ही सिरोही में एक आयोजन के दौरान उन्होंने खुद को कृषि मंत्री बताते हुए कहा कि वे राजस्थान को कृषि क्षेत्र में आगे ले जाएंगे।